CM Yogi :सीएम योगी का विपक्ष पर तीखा प्रहार, तानाशाही और अधिनायकवादी सोच वाले विकास को नहीं देखना चाहते
CM Yogi : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को गोरखपुर में एक मीडिया समूह के ‘उत्सव अभिव्यक्ति का’ कार्यक्रम में विपक्षी नेताओं पर जमकर निशाना साधा।
बिना नाम लिए उन्होंने कहा कि जिन लोगों के मन में तानाशाही और अधिनायकवादी भाव है, वे विकास को आगे बढ़ते नहीं देखना चाहते।
ऐसे लोग केवल अपने और अपने परिवार का विकास चाहते हैं और “सबका साथ-सबका विकास” की अवधारणा उन्हें स्वीकार नहीं है।
पिछली सरकारों पर लगाए गंभीर आरोप
सीएम योगी ने कहा कि पूर्व की सरकारों ने केवल अपने परिवार तक ध्यान केंद्रित रखा, जिसके चलते उत्तर प्रदेश के सामने पहचान का संकट खड़ा हो गया।
उन्होंने दावा किया कि पहले किसान आत्महत्या करने को मजबूर थे, गरीब भुखमरी का शिकार थे, और महिलाओं व व्यापारियों को असुरक्षा का सामना करना पड़ता था।
उन्होंने एक घटना का जिक्र करते हुए कहा कि पूर्व की सरकार में यूपी के एक मंत्री को विदेश में अपमान का सामना करना पड़ा था,
जहां यूपी के नाम पर उन्हें एयरपोर्ट पर नंगा करके जांच के लिए खड़ा कर दिया गया और बैरंग लौटना पड़ा।
“सबका साथ-सबका विकास” सामर्थ्य का मंत्र
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में “सबका साथ-सबका विकास” सिर्फ नारा नहीं, बल्कि सामर्थ्य का मंत्र है। उन्होंने जोर देकर कहा कि समग्र विकास के लिए सभी को साथ लेकर चलना होगा।
गोरखपुर की बदली तस्वीर
सीएम ने गोरखपुर के बदलाव पर प्रकाश डालते हुए कहा कि 2017 से पहले गोरखपुर पहचान के संकट से जूझ रहा था।
माफिया, बाढ़, मलेरिया, इंसेफेलाइटिस और अव्यवस्था ने जिले को बदनाम किया था। लेकिन आज गोरखपुर की पहचान सशक्त हो चुकी है।
अब न तो इसे माफिया से जोड़ा जाता है और न ही बीमारियों का अड्डा कहा जाता है।
युवाओं का पलायन रुक गया है और गोरखपुर अब देश-दुनिया में अपनी सकारात्मक छवि के लिए जाना जाता है।
महाकुंभ 2025 की भव्यता
प्रयागराज का जिक्र करते हुए सीएम ने कहा कि अब वहां माफिया की नहीं, बल्कि महाकुंभ 2025 की दिव्यता, भव्यता और सुव्यवस्था की चर्चा होती है।
45 दिनों में 66 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने महाकुंभ में हिस्सा लिया, और बिना किसी अप्रिय घटना के आतिथ्य सत्कार से अभिभूत होकर लौटे।
उन्होंने कानून-व्यवस्था की सराहना करते हुए कहा कि इतने बड़े आयोजन में लूट, अपहरण या छेड़खानी जैसी एक भी घटना नहीं हुई।
किसानों और गरीबों की स्थिति में सुधार
सीएम ने कहा कि 2014 से पहले किसानों की आत्महत्या और गरीबों की भुखमरी से मौतें अखबारों की सुर्खियां बनती थीं।
उन्होंने 2003-04 में कुशीनगर में मुसहर समुदाय की भुखमरी से मौत का जिक्र किया और बताया कि उन्होंने इसके खिलाफ आंदोलन किया था।
उनकी सरकार ने मुसहर, वनटांगिया, थारू, कोल जैसे समुदायों को जमीन के पट्टे, राशन कार्ड, आयुष्मान कार्ड और पेंशन जैसी सुविधाएं प्रदान कीं।
80 करोड़ को मुफ्त राशन, 10 करोड़ को स्वास्थ्य सुरक्षा
मुख्यमंत्री ने बताया कि देश में 80 करोड़ और प्रदेश में 15 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन मिल रहा है। 10 करोड़ लोगों को आयुष्मान स्वास्थ्य सुरक्षा और 4 करोड़ लोगों को पीएम आवास योजना का लाभ मिला है।
उन्होंने कहा कि उनकी सरकार की इच्छाशक्ति के कारण यह संभव हुआ, जबकि पूर्व की सरकारें केवल अपने परिवार तक सीमित थीं।
मीडिया पर सेंसर का आरोप
सीएम ने विपक्ष पर मीडिया को दबाने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि 1975 में आपातकाल के दौरान मीडिया पर सेंसर लगाया गया था और आज भी कुछ लोग समय-समय पर मीडिया के खिलाफ फतवे जारी करते हैं।
निष्कर्ष
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में विकास, कानून-व्यवस्था और सामाजिक समावेशन के प्रति अपनी सरकार की प्रतिबद्धता को रेखांकित किया।
साथ ही, विपक्ष पर परिवारवाद और तानाशाही सोच का आरोप लगाकर उनकी नीतियों और कार्यशैली की कड़ी आलोचना की।
