World Cup क्रिकेट से पहले सट्टा बाजी के नाम पर ठगने वाले रैकेट का खुलासा
world Cup:यूपी पुलिस ने विश्व कप क्रिकेट से पहले सट्टा बाजी के नाम पर लोगों को ठगने वाले
एक बड़े रैकेट का खुलासा किया है। पुलिस ने इनसे जुड़े हजारों बैंक खातों को फ्रीज कराया है।
इन खातों से एक साल में 1600 करोड़ से ज्यादा का ट्रांजेक्शन हुआ है।
आगरा साइबर सेल ने इनसे जुड़े 27 बेटिंग वेबसाइट और 9 बेटिंग एप ब्लॉक कराए हैं।
देश वासियों से ठगी के लिए इनका संचालन हो रहा था। शुरू में लोगों को जीत की रकम दी जाती थी।
बड़ी रकम लगाने के बाद ग्राहक को रकम नहीं दी जाती थी। साइबर सेल ने
ऑनलाइन बेटिंग के लिए प्रयोग होने वाले 6000 बैंक खाते व 18 हजार वर्चुअल (आभासी) एकाउंट भी
फ्रीज कराए गए हैं। फ्रीज खातों में चार करोड़ से अधिक की रकम जमा है।
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सभी एप विदेशी सर्वर से संचालित थे। फ्रीज कराए गए बैंक खातों में
पिछले करीब एक साल में 1600 करोड़ से अधिक का ट्रांजेक्शन हुआ है।
पुलिस आयुक्त डॉ. प्रीतिंदर सिंह ने बताया कि स्टार इंडिया कंपनी के अधिकृत हॉटस्टार,
लाइव कंटेंट, लाइव गेम एक थर्ड पार्टी एप एकबैट व वेब पोर्टल के माध्यम से ग्राहकों को चोरी से दिखाए जाते थे।
इस संबंध में शाहगंज थाने में पूर्व में मुकदमा लिखा गया था। जांच में पता चला था कि विदेशी
सर्वर (चाइना, वियतनाम, फिलीपिंस, रूस) के जरिए पूरा खेल चल रहा है।
लाइव री-स्ट्रीमिंग के जरिए अवैध बेटिंग और गेमिंग एप भी संचालित
किए जा रहे हैं। इस मामले में पूर्व में तीन आरोपित पकड़े गए थे।
अवैध वेबसाइट और एप मिले, लिंक से जोड़ते थे सदस्य
इसी मुकदमे की गहराई से जांच में हैरान कर देने वाला सच सामने आया।
एक नहीं 27 वेबसाइट ऐसी मिलीं जो अवैध थीं। ऑनलाइन गेमिंग और बेटिंग करा रही थीं।
नौ एप भी मिले। यह साइट और एप प्ले स्टोर पर उपलब्ध नहीं हैं।
इससे जुड़े लोग इनके लिंक भेजा करते थे। साइबर सेल ने जांच के बाद सभी की लिस्ट बनाई।
इनके ट्रांजक्शन की जांच और सब्सक्राबर की जानकारी की गई तो आंकड़े और भी ज्यादा हैरान कर देने वाले थे।
अवैध रूप से संचालित बेटिंग साइट और गेमिंग एप की जानकारी गृह मंत्रालय को भेजी गई।
सर्विस प्रोवाइडर कंपनियों को भी इनकी सूचना दी गई। सभी को ब्लॉक करा दिया गया है।
इनके ब्लॉक होने से ऑनलाइन बेटिंग फिलहाल बंद नहीं होगी।
साइबर अपराधी हर सप्ताह एक नई वेबसाइट और एप बना लेते हैं।
सभी विदेशी सर्वर पर संचालित होते हैं, इसलिए पूरा डाटा नहीं मिल पाता है।
फ्रीज कराए गए 6000 बैंक खातों में करोड़ों का लेन-देन हुआ है।
पिछले करीब एक साल में इन खातों में 1600 करोड़ से अधिक का ट्रांजक्शन हुआ है।
