widow woman: मैं जिंदा हूं साहब, अफसरों की चौखट पर प्रमाण देते थकी विधवा महिला ने डीएम से बयां किया दर्द
widow woman: एक ओर केंद्र व प्रदेश सरकार गरीबों और महिलाओं के उत्थान के लिए
अनेक योजनाएं चला रही है वहीं कर्मचारी इन योजनाओं को पलीता लगाने में लगे हैं।
कर्मियों ने एक बेवा को मृत दर्शा कर उसकी पेंशन बंद कर दी अब महिला अफसरों की चौखट पर
अपने जिंदा होने और पेंशन चालू करने की गुहार करती फिर रही है। पेंशन के सहारे ही वह जीवित है।
संपूर्ण समाधान दिवस में पहुंची बम्हनीपुर की शशी देवी ने जिलाधिकारी से शिकायत की कि पति की मौत के बाद
विधवा पेंशन ही उसकी आजीविका का सहारा थी। 15 जून 2015 को विभाग ने उसे मृत घोषित कर दिया
और तब से उसकी पेंशन बंद हो गई। उसके बाद से वह अधिकारियो को अपने जिंदा होने का सबूत सामने जाकर
देती है लेकिन पेंशन फिर भी चालू नहीं हो पाई। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए
जिलाधिकारी अवनीश राय ने जिला प्रोबेशन अधिकारी सूरज सिंह से तत्काल मामले मे कार्रवाई कर
पेशंन बनाने के निर्देश दिए। श्वेता निवासी संतनगर मलाजनी ने शिकायत की कि सरसईनावर मे पड़ी उसकी जमीन पर
कछपुरा के कुछ लोगो द्वारा जबरन कब्जा कर लिया गया है। अमरीश बाबू निवासी अघीनी ने बताया
एक एक बिजली का कनेक्शन चल रहा है फर्जी तरीके से एक और कनेक्शन कर दिया गया है
दूसरे कनेक्शन को काटे जाने की मांग की है। ताखा मे पांनी की टंकियों पर तैनात आपरेटर
प्रेमपाल अनिल कुमार शिवकांत सहित तमाम आपरेटरो ने बताया उनकी ताखा मे बनी पानी की टंकियो पर
2016 एंव 17 मे तैनाती की गई थी तब से लेकर आजतक उन्हें मानदेय नही मिला है।
