wedding: शादी से कुछ घंटों पहले लोग फेंक रहे थे ईंट-पत्थर, सबको लगा अब नहीं हो पाएगी शादी, फिर कुछ हुआ ऐसा कि खुश हो गयी दुल्हन
wedding: झारखंड के पलामू जिले के पाकी इलाके में दंगे के बाद धारा 144 लागू है.
जिले में इंटरनेट सेवा बंद है और पूरा इलाका छावनी में तब्दील है.
इन सब के बीच क्या आप सोच सकते हैं किसी की शादी (wedding) कैसे हो पाएगी? लेकिन शादी पहले से तय थी,
ऐसे में मुहूर्त के अनुसार आखिरकार किसी तरह यह अनोखी शादी (wedding) हो ही गयी.
दरअसल पलामू में खुशी और गजेंद्र की शादी (wedding) के चंद घंटों पहले दुल्हन के घर के सामने ही
ईंट रोड़े और पत्थर चलने लगे थे, जिससे पूरा परिवार सहम गया
और लोगों के में आशंका आ गयी कि क्या यह शादी (wedding) होगी या नहीं?
बता दें, खुशी और गजेंद्र की शादी के कुछ घंटों पहले तैयारियां चल रही थी.
लेकिन, इसी दरम्यान अचानक हंगामा शुरू हो गया और फिर ईंट पत्थर और रोड़ेबाजी शुरू हो गई.
लोग एक दूसरे को मरने-मारने पर उतारू हो गए. कुछ ही पलों में आगजनी कर दी गई.
3 घरों को आग के हवाले कर दिया गया. इस घटना को देख दुल्हन खुशी और उनके
पिता गोवर्धन करमाली के साथ पूरा परिवार सहम गया. दुल्हन रोने लगी तो पिता के पैरों तले जमीन ही
खिसक गई उन्हें ऐसा लगा कि कहीं उनकी बेटी की शादी (wedding) ही न टल जाए.
बिना बैंड-बाजा के ही पहुंची बारात
लेकिन, कुछ ही समय के बाद पुलिस की टीम पहुंची और पूरी स्थिति को नियंत्रित कर लिया गया,
जिस कारण वो बातें जो थोड़ी देर पहले पूरे परिवार को परेशान कर रही थी वो दूर हो चुकी थी.
थोड़ी ही देर में बारात घर के दरवाजे पर पहुंची. लेकिन, बैंड-बाजा नहीं था
और न ही कोई दोस्त डांस कर रहा था. दरअसल प्रशासन के द्वारा बैंड-बाजे की परमिशन नहीं दी गयी थी.
एक तरफ खुशी तो दूसरी तरफ रह गया मलाल
इस दौरान दुल्हन खुशी ने कि उन्हें अच्छा लग रहा है कि एबी हालात काबू में है.
उन्होंने बताया कि कई रिश्तेदारों को उसने खुद फोन कर शादी में आने से मना किया
क्योंकि हालात तनावपूर्ण थे. हालांकि उन्हें एक मलाल जरूर है कि बाराती नाचते-गाते नहीं आए.
हालांकि वो इन खट्टी यादों को भूल मीठी यादों को ही संजोने का काम करेगी.
खुशी ने बताया कि उनके होने वाले पति गजेंद्र इंडियन नेवी में हैं.
शादी (wedding) से पहले जमकर चल रहे थे ईंट-पत्थर
बात दें, पलामू के पाकी के राहे वीर पहाड़ी पर महाशिवरात्रि के मौके पर शिव बारात निकलने की परंपरा रही है.
इसे लेकर तोरण द्वार लगाया जा रह था. लेकिन, इस तोरण द्वारा को उखाड़ दिया गया.
इसी के विरोध में इलाके में पत्थरबाजी की जाने लगी, जिस कारण कई लोग घायल हो गए.
वहीं जब पुलिस वालों ने स्थिति नियंत्रित करने की कोशिश की तो पुलिस वालों पर भी पथराव किया गया,
जिसमें एक एसडीपीओ सहित 4 जवान घायल हो गए. हालांकि
अतिरिक्त बलों ने मौके पर पहुंच स्थिति को नियंत्रित किया और हुड़दंगियों को खदेड़ भगाया.
‘शादी (wedding) की कई विधियों को पूरा नहीं किया जा सका’
खुशी के पिता का कहना है कि इस दंगे की वजह से शादी की कई विधियों को पूरा नहीं किया जा सका
हालांकि शादी (wedding) हो रही है, उन्हें इसकी खुशी है. उन्होंने बताया कि कई रिश्तेदार नहीं पहुंच पाए और
शादी में जो उत्साह होता है उसकी कमी रह गयी. बारात औरंगाबाद के गोह जिले से पांकी पहुंची थी.
शादी में नाच-गाना न होने का मलाल घर की ल़डकियों और महिलाओं को मायूस करता दिखा.
उनका कहना है कि दूसरे पक्ष के लोगों के द्वारा जिस तरह से उपद्रव किया गया.
उससे स्थिति ऐसी बन गई कि सभी परेशान हो गए. दूल्हे पक्ष से आए लोगों का भी कहना है
कि शादी मे जिस उत्साह के साथ वो शामिल होने आए थे वो थोड़ा फीका पड़ गया.
हालांकि उन्होंने प्रशासन की सतर्कता की वजह से शादी संपन्न होने पर अपनी खुशी जरूर जाहिर की.
