Video calling : वीडियो कॉल करके करती थी गंदी बाते और लेती थी स्क्रीन शॉट, ऐसे खुला राज
Video calling : अपराधियों ने अब अपराध करने के लिए नए-नए तरीके अपना लिए हैं. नई तकनीक के साथ-साथ अपराधी भी अपग्रेड होते जा रहे हैं. ऐसा ही एक मामला सामने आया है, जहां शातिर अपराधी किसी अंजान युवक को वीडियो करते थे और उसका स्क्रीनशॉट लेकर सामने वाले को धमकी देकर उससे पैसे ऐंठते थे. आरोपी खुद को दिल्ली पुलिस में अधिकारी बताते तो कभी एसीपी विक्रम राठौर बताते. यह सुन सामने वाले व्यक्ति से पैसे मांगते थे.
यह था मामला
एक युवक को वीडियो कॉल आया और उसको उठाते ही सामने न्यूड लड़की की तस्वीर थी. युवक कुछ समझ पाता इतनी देर में कॉल कट कर दी जाती है. दरअसल युवक को ये Video calling फंसाने के लिए की गई थी. कुछ ही सेकेंडो को वीडियो काल करने का मकसद न्यूड लड़की के साथ युवक का स्क्रीनशॉट लेना था. कॉल कट होने के बाद युवक को दूसरें नंबर से फोन आने लगे और सामने से दिल्ली पुलिस का अधिकारी होने की बात कही गई. इस बात को सुनकर युवक के होश उड़ गए.
पुलिस को दी जानकारी
डीसीपी शाहदरा डिस्ट्रिक्ट रोहित मीणा ने बताया कि साइबर पुलिस को 5 जून को एक बुजुर्ग ने शिकायत दी थी. शिकायत कर युवक ने अपने साथ हुए धोखाधड़ी के बारे में बताया. युवक ने पुलिस को जानकारी दी कि 31 मई को अज्ञात कॉलर ने उसे Video calling की थी। कॉल पर न्यूड लड़की थी. उनके कॉल उठाते ही कुछ देर बाद फोन कट गया. मगर युवक के चेहरे के साथ स्क्रीनशॉट ले लिया था कुछ देर बाद उनके पास दो अन्य नंबरों से फोन और और वे कह रहे थे कि साइबर क्राइम दिल्ली से बोल रहे हैं.
युवक को दी धमकी
आरोपियों ने खुद को साइबर क्राइम दिल्ली का अधिकारी बताया और उससे मोटी रकम देनें की धमकी देने लगा. आरोपियों ने युवक को ये भी कहा कि अगर उसने पैसे नहीं दिए तो, वो उसका स्क्रीनशॉट वायरल कर देंगे और उसे गिरफ्तार कर जेल भेज देंगे. इस बात से डर कर पीड़ित युवक ने आरोपियों को 47,000 रुपए ट्रांसफर कर दिए.
राजस्थान से पकड़ा आरोपी
पुलिस ने इस मामले को संज्ञान में लेते हुए आरोपियों की धर पकड़ के लिए टीमों का गठन किया. शाहदरा डिस्ट्रिक्ट की साइबर पुलिस ने राजस्थान से 50 वर्षीय एक शख्स को गिरफ्तार किया और दिल्ली ले आई.
आरोपी के पास से बरामद सबूत
पुलिस ने इस मामले में अधिक जानकारी देते हुए बताया कि आरोपी का नंबर राजस्थान के पहाड़ी में एक्टिव है. इसके बाद पुलिस की टीम अलर्ट हो गई. 8 जून को केस की आईओ एसआई श्वेता शर्मा अपनी टीम के साथ 50 वर्षीय अलामुद्दीन को गिरफ्तार किया. पुलिस ने जब आरोपी से ममाले की पूछताछ शुरू की तो आरोपी ने पुलिस को बताया कि उसने और उसके दोनों बेटों व दो अन्य लोगों ने इसी तरह सैकड़ों लोगों को चूना लगाकर काफी रुपये कमाए हैं.
पुलिस ने उसके गैंग के चार अन्य लोगों की भी पहचान की है
इसके अलावा पुलिस को आरोपी के पास से फोन में 140 लोगों के न्यूड लड़कियों के साथ फोटो के स्क्रीनशॉट मिले हैं. मिली जानकारी के मुताबिक आरोपी अपनी वॅट्सऐप प्रोफाइल पर दिल्ली पुलिस के अधिकारियों की फोटो लगाकर रखता था। साथ ही खुद को एसीपी विक्रम राठौड़ बताता था. पुलिस ने उसके गैंग के चार अन्य लोगों की भी पहचान की है, जिनकी तलाश की जा रही है.
