relationship: पति दुबई गया तो ननद के देवर से दिल लगा बैठी पत्नी, दो साल बाद सामने आया ये खौफनाक अंजाम
relationship: पति रोजी-रोटी कमाने दुबई गया तो पीछे रह गई पत्नी के ननद के देवर से
नाजायज रिश्ते हो गए। दो साल गुजर गए। दोनों अपनी मनमर्जी की जिंदगी जी रहे थे
कि पति वापस लौट आया। आगे चलकर कहीं कोई मुश्किल न खड़ी हो जाए
इस डर से पत्नी ने अपने प्रेमी संग मिलकर साजिश रची फिर एक और
शख्स को मिलाकर अपने पति को बड़ी बेरहमी से मौत के घाट उतार दिया।
हत्या की साजिश को अंजाम देने के लिए उसने पहले अपने पति को नींद की गोलियां दीं।
जब वह गहरी सो गया तो पत्नी ने पैर पकड़े और प्रेमी ने दुपट्टे से गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी।
कत्ल में एक तीसरे शख्स ने भी उनका साथ दिया। तीनों ने मिलकर
लाश को गांव के बाहर पोखरे में फेंक दिया था। पुलिस ने
आरोपी पत्नी और उसके प्रेमी को गिरफ्तार कर लिया है।
मामला गोरखपुर के गीडा क्षेत्र के मल्हीपुर गांव का है।
पुलिस के मुताबिक इस गांव के रामानंद विश्वकर्मा की शादी दिसंबर 2020 में सीतांजलि से हुई थी।
शादी के दो महीने बाद फरवरी 2021 में रामानंद दुबई चला गया। बताया जाता है
कि पति- पत्नी के बीच संबंध शुरू से ही ठीक नहीं थे लेकिन रमानंद के दुबई जाने के बाद
सीतांजलि की नजदीकियां उसकी ननद के देवर बृजमोहन से बढ़ने लगीं।
दोनों के बीच नाजायज रिश्ता कायम हो गया। धीरे-धीरे दो साल का वक्त गुजर गया।
सीतांजलि और बृजमोहन मनमर्जी की जिंदगी जी रहे थे कि तभी रामानंद दुबई से वापस आ गया।
रामानंद के वापस आने पर दोनों को लगा कि कहीं उनका भेद खुल न जाए।
इसके बाद सीतांजलि और बृजमोहन ने मिलकर रामानंद को रास्ते से हटाने की साजिश रच डाली।
बृजमोहन ने अपने बचपन के दोस्त अभिषेक चौहान को भी अपने इस प्लान में शामिल कर
लिया। पांच अप्रैल को रामानंद दुबई से लखनऊ पहुंचा तो बृजमोहन और अभिषेक भी
उसे रिसीव करने वहां गए थे। पुलिस के मुताबिक दोनों लखनऊ से गोरखपुर के रास्ते में ही
रामानंद का काम तमाम कर देना चाहते थे लेकिन मौका नहीं मिला।
छह अप्रैल को रामानंद अपने गोरखपुर स्थित घर पहुंचा। वहां सीतांजलि बार-बार उसे कुछ न कुछ
समान लाने के बहाने घर से बाहर भेजती रही। आखिरकार रात में सीतांजलि ने पति के खाने में
नींद की दवा मिला दी। साथ में बियर भी पिलाई जिससे वह गहरी नींद में सो गया।
रात करीब एक बजे बृजमोहन और अभिषेक छत के रास्ते घर में दाखिल हुए।
इसके बाद तीनों ने मिलकर रामानंद को मौत के घाट उतार दिया
और लाश को गांव के बाहर ले जाकर पोखरे में फेंक दिया।
मोबाइल और डायरी ने कर दी चुगली
रामानंद की हत्या के बाद उसके घर की जांच में पुलिस को एक डायरी और
एक टूटा हुआ मोबाइल मिला। बताया जा रहा है कि इन्हीं दोनों से पुलिस को सीतांजलि और
उसके पति के बीच खराब रिश्तों की जानकारी मिली। डायरी में एक फोटो भी मिली
जिसमें इसमें सीतांजलि, बृजमोहन के साथ नज़र आ रही थी। मोबाइल की जांच में पता चला कि
सीतांजलि की अक्सर बृजमोहन के नंबर पर बातचीत भी होती थी।
शक बढ़ते जाने पर पुलिस ने कड़ाई से सीतांजलि से पूछताछ की तो सारा मामला सामने आ गया।
पता चला कि वह मोबाइल बृजमोहन ने ही सीतांजलि को दिलाया था।
पति कारपेंटर, प्रेमी बीटेक
सीतांजलि का पति रामानंद दुबई में दो साल से कारपेंटर का काम करता था।
सीतांजलि ने उसे जो नींद की गोलियां खिलाईं वो बृजमोहन ही लाया था।
बृजमोहन बीटेक है। वह दिल्ली में रहता है। हत्या के बाद बृजमोहन और अभिषेक कानपुर तक
साथ गए। वहां से बृजमोहन दिल्ली तो अभिषेक मध्य प्रदेश चला गया था।
