Police :उत्तर प्रदेश पर हमले की कहानी, छह घंटे तक लापता रहे दो पुलिस वाले जानें फिर कैसे पहुंचे..
Police : खनन माफिया को पकड़ने गई पुलिस टीम पर उत्तराखंड के भरतपुर गांव में हमला किया गया।
इस हमले के बाद चार पुलिस कर्मियों को बचाकर मुरादाबाद के अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
जबकि एसओजी प्रभारी के साथ ही एक सिपाही छह घंटे तक लापता रहे।
एसएसपी हेमंत कुटियाल के निर्देश पर एसपी देहात संदीप कुमार मीणा को लापता पुलिस
कर्मियों को खोजने की जिम्मेदारी सौंपी गई। करीब छह घंटे बाद एसओजी प्रभारी रवींद्र यादव के साथ ही
उनके हमराह सिपाही की लोकेशन मिली तो मुरादाबाद पुलिस उन्हें लेने उत्तराखंड बार्डर पर पहुंची।
ठाकुरद्वारा थाने में पहुंचने के बाद पुलिस अफसरों ने राहत की सांस ली।
पुलिस(police ) वालों को जिंदा बचने की नहीं थी उम्मीद
एसओजी प्रभारी ने पुलिस अफसरों को बताया कि वह जिंदा बचकर आएंगे, इसकी उम्मीद नहीं थी।
हमले के बाद एसओजी प्रभारी ने अपने कुछ साथियों को मौके से निकाला था,
इसके बाद आरोपित उनके पीछे पड़ गए। वह अपने हमराह के साथ ही
खेतों की और दौड़ पड़े। गन्ने के खेतों में छिपते हुए बार्डर की ओर बढ़ने लगे।
भीड़ ने अचानक पुलिस(police ) पर किया हमला
इस दौरान हमलावर उन्हें खोजने के लिए खेत-खलिहान में बाइकों से चक्कर लगा रहे थे।
खनन माफिया के हमले से भयभीत होकर दोनों ने मोबाइल तक बंद कर लिए।
घटना के बारे में जानकारी देते हुए एसओजी प्रभारी ने अफसरों को बताया कि अचानक उनके ऊपर भीड़ ने हमला किया था।
सिर पर हॉकी से वार में एसओजी सिपाही बेहोश
एसओजी टीम में शामिल महिला पुलिस कर्मी को बचाने के लिए उन्होंने सबसे पहले प्रयास किया।
तब तक ठाकुरद्वारा थाना प्रभारी के साथ ही एसओजी टीम के चार साथियों को आरोपितों ने बंधक बना लिया।
एसओजी के सिपाही शिव कुमार के सिर पर हाकी से किए गए वार के बाद वह बेहोश हो गए।
पुलिस वालों की हत्या करना चाहते थे हमलावर
साथ ही उनके पैर में भी गोली लगी थी। मारपीट करने के आरोपित किसी पर रहम नहीं कर रहे थे।
असलहों को छीनकर वह पुलिस कर्मियों की हत्या करना चाहते थे।
एसओजी टीम और पुलिस कर्मी हिम्मत दिखाते हुए आरोपितों से बचकर भागे।
नौ पुलिस कर्मी हुए घायल
दो दिनों ठाकुरद्वारा में कैंप कर रहे डीआइजी शलभ माथुर ने बताया कि उत्तराखंड के भरतपुर गांव में हुई
घटना में कुल नौ पुलिस कर्मी घायल हुए हैं। घटना में शामिल आरोपितों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
खनन सिंडीकेट के संचालक जफर को छिपाने के साथ ही उसके भगाने के मामले में
आरोपित गुरताज भुल्लर के पूरे परिवार का आपराधिक रिकार्ड है।
भुल्लर के परिवार का है आपराधिक रिकॉर्ड
डीआइजी ने बताया कि भुल्लर के परिवार के छह सदस्यों के खिलाफ लगभग 40 प्राथमिकी उत्तराखंड के कुंडा में दर्ज हैं।
पुलिस कर्मियों में हमला करने में गुरताज का पूरा परिवार शामिल था।
प्राथमिकी दर्ज करने के बाद सभी के नाम प्रकाश में आए हैं, सभी को गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा।
