molestation: मंगेतर संग जा रही विदेशी महिला से छेड़छाड़, RPF सिपाही गिरफ्तार
molestation: आनंद विहार (नई दिल्ली) से अगरतला जा रही
तेजस एक्सप्रेस के फर्स्ट एसी कूपे में अपने मंगेतर के साथ सफर कर रही
स्विटजरलैंड निवासी महिला से एस्कॉर्ट में तैनात आरपीएफ सिपाही ने छेड़छाड़(molestation) की।
मंगेतर ने कंट्रोलर के जरिए सूचना दी तो ट्रेन एस्कॉर्ट के
अन्य सिपाहियों ने आरोपित को हिरासत में ले लिया। कानपुर सेंट्रल पर ट्रेन पहुंची तो
विदेशी महिला की तहरीर पर धारा 354, 354ए और बी के तहत प्राथमिकी दर्ज कर
सिपाही को गिरफ्तार कर लिया गया। जीआरपी की रिपोर्ट पर
आरपीएफ अफसरों ने सिपाही को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
दिल्ली से अगरतला के बीच साप्ताहिक चलने वाली तेजस एक्सप्रेस के एच-वन कूपे में
स्विटजरलैंड निवासी युवती अपने भारतीय मूल के मंगेतर के साथ बुधवार को पटना जाने के
लिए सवार हुई थी। रात लगभग सवा दस बजे हाथरस से ट्रेन कानपुर की ओर चली
तो विदेशी महिला टॉयलेट गई। आरोप है कि तभी सेंट्रल पर तैनात
आरपीएफ सिपाही जितेंद्र सिंह उसके पीछे-पीछे चला गया।
महिला टॉयलेट से निकली तो सिपाही उसे पकड़कर फिर टॉयलेट में खींचने लगा।
चिल्लाने पर सिपाही ने मोबाइल से सेल्फी ले ली। अन्य यात्रियों के आने पर उसे छोड़कर
आगे चला गया। इस पर महिला के मंगेतर ने कंट्रोलर के जरिए अफसरों को सूचना दी।
आधी रात के बाद ट्रेन कानपुर सेंट्रल के प्लेटफॉर्म नंबर पांच पर आई तो जीआरपी ने
सिपाही को गिरफ्तार कर लिया। कोर्ट में पेश करने पर सिपाही को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में
जेल भेज दिया गया है। जीआरपी इंस्पेक्टर आरके द्विवेदी ने
आरोपित सिपाही की बर्खास्तगी की सिफारिश की है।
फिर कठघरे में आरपीएफ
रेलवे की संपत्ति की सुरक्षा के लिए जिम्मेदार आरपीएफ एक बार फिर
कठघरे में खड़ी हो गई है। पिछले साल जन्माष्टमी पर पर्ची के जरिए चंदा वसूलने के
मामले में आरपीएफ के पांच लोगों को निलंबित करके विभागीय जांच कराई गई थी।
सहायक सुरक्षा आयुक्त एके राय को इसी प्रकरण में चार्जशीट भी दी जा चुकी है।
इसके पहले राजधानी एक्सप्रेस में आरपीएफ के दो सिपाहियों ने सीट दिलवाने के नाम पर
ऑनलाइन रिश्वत ली थी। तब सहायक सुरक्षा आयुक्त
आरएन पांडेय की रिपोर्ट पर दोनों आरपीएफ सिपाही बर्खास्त किए गए थे।
एनसीआर प्रयागराज मंडल पीआरओ अमित सिंह ने बताया,
तेजस एक्सप्रेस में छेड़छाड़ (molestation) की घटना शर्मनाक है।
आरोपित आरपीएफ सिपाही के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के लिए जांच शुरू कर दी गई है।
