Mobile App: सरकार सख्त, मोबाइल में प्री-इंस्टॉल ऐप्स डेटा सुरक्षा के लिए सही नहीं! क्या जासूसी के लिए होता है इनका इस्तेमाल?
Mobile App: कई बार आपने देखा होगा कि जब भी नया मोबाइल लेते हैं
तो उनमें मोबाइल कंपनी की ओर से कुछ ऐप्स इंस्टॉल करके दिए जाते हैं.
ये प्री-इंस्टॉल ऐप कुछ काम के होते हैं तो वहीं कुछ ऐप्स लोगों के किसी काम के नहीं होते हैं.
हालांकि ऐसे ऐप्स को बाद में अनइंस्टॉल भी नहीं किया जा सकता है.
वहीं इस तरह के प्री-इंस्टॉल ऐप्स को लेकर सरकार अब सख्त है.
मोबाइल फोन
दरअसल, भारत सरकार ने पिछले कुछ सालों में कई चाइनीज ऐप्स को बैन किया है.
वहीं भारत में कई चाइनीज कंपनियां मोबाइल बेचती हैं, जिनमें प्री-इंस्टॉल ऐप ज्यादा होते हैं.
ऐसे में सरकार ऐसे ऐप्स को लेकर भी सख्त है. हाल ही में रॉयटर्स की एक रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले
से इस बात की जानकारी दी गई थी कि स्मार्टफोन में प्री-इंस्टॉल ऐप्स यूजर्स के डेटा के लिए
सुरक्षित नहीं हैं. इन ऐप्स का इस्तेमाल यूजर के डेटा की जासूसी के लिए भी हो सकता है.
इस कारण से सरकार यूजर्स के डेटा के गलत इस्तेमाल को लेकर चिंतित है.
स्मार्टफोन
सरकार यूजर्स के डेटा की सुरक्षा के लिए लगातार कदम उठा रही है.
इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय की ओर से यूजर्स के डेटा की सुरक्षा के लिए कई
कोशिशें की जा रही हैं, ताकी उनके डेटा के गलत इस्तेमाल को रोका जा सके.
ऐसे में सरकार की ओर से स्मार्टफोन कंपनियों पर इन प्री-इंस्टॉल ऐप्स
को लेकर सख्त कदम उठाने के प्रयास किए जा रहे हैं.
प्री-इंस्टॉल ऐप्स
रिपोर्ट्स के मुताबिक सरकार के जरिए नए नियम लाने की तैयारी की जा रही है,
जिससे कंपनियों को फोन में प्री-इंस्टॉल ऐप्स में कमी करनी होगी.
साथ ही सरकार ऑपरेटिंग सिस्टम में होने वाले अपडेट पर भी निगरानी रखेगी.
इससे कई स्मार्टफोन कंपनियों को भी झटका लग सकता है.
