Medical Colleges की स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग की अध्यक्ष के खिलाफ जांच हुई शुरू, मचा हड़कंप
Medical Colleges:बीआरडी मेडिकल कालेज में 22 जुलाई को हुई सिद्धार्थनगर की
गर्भवती की मौत मामले में कई चेहरे कार्रवाई की जद में आते जा रहे हैं।
जांच कमेटी की रिपोर्ट पर राज्यपाल ने स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग की अध्यक्ष डा. वाणी आदित्य के खिलाफ जांच का
निर्देश दे दिया है। यह जांच कमिश्नर करेंगे। एक माह में शासन को रिपोर्ट भेजनी है।
इस आदेश बाद स्त्री एवं प्रसूति रोग तथा मेडिसिन विभाग के डाक्टरों में हड़कंप मच गया है।
क्योंकि इन दोनों विभागों से गर्भवती को बिना उपचार किए एक-दूसरे विभाग में भेजा जा रहा था।
इस मामले में मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डा. एके श्रीवास्तव निलंबित हो चुके हैं
तथा प्राचार्य डा. गणेश कुमार से स्पष्टीकरण मांगा जा चुका है।
लगातार पांच खबर छपने के बाद जांच समिति गठित हुई
की समाचार पत्रों ने इस मामले को प्रमुखता से उठाया था। लगातार पांच दिन खबरें प्रकाशित की गई थीं।
इसके बाद जांच समिति गठित की गई। जांच समिति ने अपनी रिपोर्ट में अस्पताल की व्यवस्था को फेल बताया है।
प्रमुख सचिव आलोक कुमार ने कमिश्नर को भेजे पत्र में कहा है कि जांच समिति को इस मामले में मेडिसिन और गायनी के
विभाग के बीच समन्वय की कमी मिली। जांच के दौरान पता चला कि किसी प्रोटोकाल का पालन नहीं किया गया।
अस्पताल में अंतर्विभागीय समन्वय फेल मिला। जिसका वजह
वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में कमी है। इस आधार पर विभागाध्यक्ष पर कार्रवाई की जा रही है।
कार्रवाई को लेकर विभाग में हड़कंप
कार्रवाई को लेकर मेडिसिन, स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग तथा मुख्य चिकित्सा कार्यालय में हड़कंप की स्थिति थी।
दिन भर कर्मचारी इस मामले की चर्चा करते रहे। उनका कहना था
कि इस मामले में असली दोषी डाक्टर पर अभी कोई कार्रवाई नहीं हुई।
एक स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ ने सबसे पहले गर्भवती को देखा था और उपचार करने से इंकार करते हुए
उन्हें मेडिसिन विभाग में भेज दिया था। प्राचार्य डा. गणेश कुमार
ने बताया कि जो भी आरोप लगे हैं, उनका जवाब दिया जाएगा।
