lover:मोहब्बत के लिए कभी बाप बना गया था मुस्लिम, अब प्रेमिका से शादी के लिए बेटा बना हिन्दू..
lover: मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर में अजब-गजब मामला सामने आया है।
अपनी प्रेमिका से शादी के लिए फाजिल नाम के युवक ने हिन्दू धर्म अपना लिया।
युवक ने धर्म बदल कर हिन्दू रीति रिवाज के अनुसार से शादी की। सबसे खास बात ये है
कि वर्षों पहले इनके पिता ने अपनी प्रेमिका से शादी की खातिर अपना धर्म बदला था।
तब फाजिल की मां से शादी के लिए उसके पिता ने हिन्दू धर्म छोड़कर इस्लाम कबूल किया था।
फाजिल को हिन्दू युवती सोनाली से प्रेम हुआ तो फाजिल ने अमन राय नाम रख हिन्दू
रीतिरिवाज से शादी कर हिन्दू धर्म अपनाया है। इससे पहले युवक और युवती ने कोर्ट मैरिज कर
ली थी विवाह का पर्चा सामने आने के बाद विवाद की स्थिति बन गई। इसके बाद युवक ने सनातन
धर्म अपनाने का फैसला किया और फाजिल खान से अमन राय बन गया।
नरसिंहपुर जिले की करेली के रहने वाले फाजिल का आमगांव की रहने वाली सोनाली से
प्रेम प्रसंग इस तरह परवान चढ़ा की पहले दोनो ने शादी के लिए आवेदन किया।
और इस शादी में बतौर गवाह के लिए दो हिंदू लड़कों का नाम आया।
दो समुदाय के लड़के और लड़की में शादी का आवेदन सोशल मीडिया पर वायरल होने लगा।
हिंदू संगठन के पदाधिकारियों को इसकी खबर लगी तो विरोध करना शुरू कर दिया।
हिंदू संगठनों के विरोध को देखते हुए मुस्लिम लड़के फाजिल ने हिंदू लड़की सोनाली के साथ
करेली में भगवान श्रीराम मंदिर में हिंदू रीति रिवाज से न सिर्फ शादी कर ली बल्कि हिंदू धर्म भी
अपना लिया। मामले की जानकारी लगते ही युवा मोर्चा के जिला अध्यक्ष प्रियांक जैन और
जागरूक जनों ने महत्वपूर्ण जानकारी जुटाई जिसमे उन्हें पता चला कि फाजिल के
पिता पहले हिंदू थे। लेकिन प्रेम प्रसंग के चलते वह पुरन मेहरा से शेख अब्दुल बने और फाजिल के
आसपास के लोगों से जानकारी जुटाने के बाद उन्हें पता चला की हकीकत में फाजिल की
आस्था हिंदू धर्म मे है जिसके चलते आज उन्होंने सनातनी धर्म अपना कर घर वापसी कराई है।
वैदिक मंत्रों के साथ राम मंदिर में हुई शादी
फाजिल खान से अमन राय बने युवक ने सोनाली से वैदिक रीति-रिवाज से राम मंदिर में गुरुवार को
शादी की। इसके पहले मंदिर में वैदिक मंत्रों से जनेऊ संस्कार के साथ हिंदू रीति रिवाजों के
अनुसार हुई घर वापसी की। फाजिल खान से अमन राय बने युवक का कहना है
कि उसके पिता पहले सनातनी थे। उन्होंने सनातन धर्म छोड़कर इस्लाम धर्म अपनाया था,
लेकिन उसे इस्लाम अच्छा नहीं लगता। उसके ज्यादातर दोस्त हिंदू हैं।
वो बरमान बाबा के यहां आता-जाता रहता है। उसका लगाव पहले से सनातन धर्म से है,
अब जब सोनाली से प्यार हो गया तो सनातन में वापसी कर ली।
अमन राय और सोनाली ने बताया कि करीब पांच साल पहले दोनों की मुलाकात गाडरवाड़ा के
डमरू घाटी शिव मंदिर में हुई थी। इसके बाद दोनों के बीच बातचीत होने लगी और पांच साल बाद
इस प्रेम का पड़ाव शादी के निर्णय पर हो गया। दोनों ने विशेष विवाह अधिनियम के तहत शादी
की। शादी में शिव कुमार दुबे, दीपक काछी और इमाम बी गवाह बने। नोटिस के सामने
आने के बाद विवाह के गवाहों का सामाजिक बहिष्कार करने की बात होने लगी थी।
युवती और दोनों गवाहों को लेकर शोक सभा करने की बात भी सामने आई थी।
जिसके बाद लड़के ने हिंदू धर्म अपनाने का फैसला कर लिया।
करेली के श्रीराम मंदिर में पूजा कर उसने धर्म परिवर्तन किया।
युवती की मां भारती राय ने बताया कि इन दोनों के रिश्ते के बारे में दो साल पहले पता चला।
बेटी ने युवक से शादी करने की बात भी कही थी। मना करने के बाद भी वह नहीं मानी।
दोनों को अपनाने की बात पर मां भारती राय ने कहा कि इस शादी को लेकर बहुत सारी चीजें
मालूम नहीं है। सब जानने के बाद ही उन्हें साथ रखना है
या नहीं इसका निर्णय लेंगे। सोनाली के घर में एक बड़ी बहन और एक भाई है।
मां आंगनबाड़ी कार्यकर्ता है, पिता मजदूरी करते हैं।
