lawyer: अचानक तहसील परिसर में आ गई पत्नी, फिर वकील पति पर तान दी पिस्टल, जानें आगे का मामला
lawyer: यूपी के चंदौसी तहसील परिसर में सोमवार दोपहर एक महिला ने अपने अधिवक्ता पति पर पिस्टल तान दी।
गनीमत रही कि पिस्टल नहीं चली, नहीं तो बड़ा हादसा हो सकता था।
पिस्टल तानने से परिसर में हड़कंप मच गया और कुछ देर तक अफरा-तफरी की स्थित रही।
इसके बाद अधिवक्ता की पत्नी पिस्टल लहराती हुई वहां से चली गई। करीब दो घंटे बाद पुलिस मौके पर पहुंची
और घटना की जानकारी ली। अधिवक्ता की ओर से कोतवाली में आरोपी पत्नी के खिलाफ तहरीर दी गई है।
सोमवार दोपहर 2 बजकर 20 मिनट पर तहसीलदार कोर्ट में कार्यवाहक तहसीलदार मुकदमों की सुनवाई कर रहे थे।
परिसर में अधिवक्ता आशीष कुमार भी मौजूद थे। उनका अपनी पत्नी से प्रापर्टी संबंधी एक वाद इसी कोर्ट में.
विचाराधीन है। इसी दौरान अधिवक्ता की पत्नी तहसील परिसर में आ गई और कुछ देर इधर-उधर देखने के बाद
अपने पर्स से पिस्टल निकालकर तहसीलदार सामने ही अपने पति पर तान दी।
इस दौरान उसने पिस्टल चलाने की कोशिश की, लेकिन चल नहीं सकी। पिस्टल तानने से परिसर में हड़कंप मच गया।
किसी तरह साथी अधिवक्ताओें ने आशीष को बचाया। घटना के
बाद अधिवक्ता की पत्नी पिस्टल लहराती हुई मौके से चली गई।
आशीष कुमार ने आरोपी पत्नी के खिलाफ कोतवाली में तहरीर दी है। जिसके अनुसार अधिवक्ता का अपनी पत्नी से
काफी समय से विवाद चल रहा है। जब दोनों में संबंध सामान्य थे, तो अधिवक्ता ने एक प्रापर्टी पत्नी के नाम से
खरीदी थी। अब पत्नी लोगों के बहकावे में आकर उसे बेचना चाहती है जबकि अधिवक्ता इसके लिए राजी नहीं है।
इसीलिए अधिवक्ता ने इस मामले में नायब तहसीलदार के न्यायालय से स्थगन आदेश ले लिया था।
22 मई को भी महिला ने तहसील परिसर में ईंट फेंककर हमला किया था।
इस घटना की तहरीर कोतवाली में दी थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
चंदौसी प्रभारी निरीक्षक सतेंद्र सिंह पंवार ने बताया, घटना की तहरीर मिल गई है।
पुलिस ने भी मौके पर पहुंचकर जानकारी ली थी। घटना की जांच कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
एसडीएम चंदौसी रामकेश धामा का कहना है कि तहसील परिसर में किसी तरह का शस्त्र लाना कानूनन गलत है।
पुलिस घटना की जांच करके सुसंगत धाराओं में कार्रवाई करेगी।
साथ ही पिस्टल के लाइसेंस के निरस्तीकरण के लिए रिपोर्ट भेजी जाएगी।
कार्यवाहक तहसीलदार से मिले अधिवक्ता
घटना के करीब एक घंटे बाद काफी संख्या में अधिवक्ता तहसील कार्यालय पहुंचे।
जहां कार्यवाहक तहसीलदार निश्चय कुमार को अवगत कराया है कि कोर्ट परिसर में इस तरह शस्त्र लाना गंभीर बात
है। इस तरह कोई भी कोर्ट में आकर वारदात को अंजाम दे सकता है। घटना के बाद महिला को ऐसे ही जाने दिया गया।
अधिवक्ताओं की सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम और आरोपी महिला के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की गई।
इस दौरान शिवओम शर्मा, बाबूलाल, छत्रपाल सिंह यादव, अमर सिंह यादव, राघव सिंह यादव,
दिनेश कुमार यादव, पिंटेश उपाध्याय, हरीश कठेरिया आदि अधिवक्ता मौजूद रहे।
सुरक्षा में बड़ी चूक आई सामने
सोमवार को महिला द्वारा अधिवक्ता पति पर पिस्टल तानने की वारदात कोर्ट परिसर की सुरक्षा में बड़ी बात
मानी जा रही है। क्योंकि किसी को भी कोर्ट परिसर के अंदर किसी तरह का शस्त्र लाने की अनुमति नहीं है।
जबकि महिला कोर्ट परिसर में आसानी से पिस्टल लेकर उस समय चली आई,
जब न्यायालय में कार्यवाहक तहसीलदार मुकदमों की सुनवाई कर रहे थे।
तहसील में लगा सीसीटीवी भी था बंद
तहसीलदार कोर्ट में सीसीटीवी लगा हुआ है, लेकिन वह घटना के समय बंद पड़ा था।
तहसील प्रशासन भी सुरक्षा के प्रति कतई गंभीर नहीं है। इसीलिए सोमवार को वारदात के समय कैमरा बंद था।
अगर सीसीटीवी काम कर रहा होता तो सारी घटना कैमयूपी के चंदौसी तहसील परिसर में सोमवार दोपहर एक महिला ने
अपने अधिवक्ता पति पर पिस्टल तान दी। गनीमत रही कि पिस्टल नहीं चली, नहीं तो बड़ा हादसा हो सकता था।
पिस्टल तानने से परिसर में हड़कंप मच गया और कुछ देर तक अफरा-तफरी की स्थित रही।
इसके बाद अधिवक्ता की पत्नी पिस्टल लहराती हुई वहां से चली गई। करीब दो घंटे बाद पुलिस मौके पर पहुंची और
घटना की जानकारी ली। अधिवक्ता की ओर से कोतवाली में आरोपी पत्नी के खिलाफ तहरीर दी गई है।
सोमवार दोपहर 2 बजकर 20 मिनट पर तहसीलदार कोर्ट में कार्यवाहक तहसीलदार मुकदमों की सुनवाई कर रहे थे।
परिसर में अधिवक्ता आशीष कुमार भी मौजूद थे। उनका अपनी पत्नी से प्रापर्टी संबंधी एक वाद इसी कोर्ट में
विचाराधीन है। इसी दौरान अधिवक्ता की पत्नी तहसील परिसर में आ गई
और कुछ देर इधर-उधर देखने के बाद अपने पर्स से पिस्टल निकालकर तहसीलदार सामने ही अपने पति पर तान दी
इस दौरान उसने पिस्टल चलाने की कोशिश की, लेकिन चल नहीं सकी। पिस्टल तानने से परिसर में हड़कंप मच गया।
किसी तरह साथी अधिवक्ताओें ने आशीष को बचाया। घटना के
बाद अधिवक्ता की पत्नी पिस्टल लहराती हुई मौके से चली गई।
आशीष कुमार ने आरोपी पत्नी के खिलाफ कोतवाली में तहरीर दी है।
जिसके अनुसार अधिवक्ता का अपनी पत्नी से काफी समय से विवाद चल रहा है। जब दोनों में संबंध सामान्य थे,
तो अधिवक्ता ने एक प्रापर्टी पत्नी के नाम से खरीदी थी। अब पत्नी लोगों के बहकावे में आकर उसे बेचना चाहती है
जबकि अधिवक्ता इसके लिए राजी नहीं है। इसीलिए अधिवक्ता ने इस मामले में नायब तहसीलदार के न्यायालय से
स्थगन आदेश ले लिया था। 22 मई को भी महिला ने तहसील परिसर में ईंट फेंककर हमला किया था।
इस घटना की तहरीर कोतवाली में दी थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
चंदौसी प्रभारी निरीक्षक सतेंद्र सिंह पंवार ने बताया, घटना की तहरीर मिल गई है।
पुलिस ने भी मौके पर पहुंचकर जानकारी ली थी। घटना की जांच कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
एसडीएम चंदौसी रामकेश धामा का कहना है कि तहसील परिसर में किसी तरह का शस्त्र लाना कानूनन गलत है।
पुलिस घटना की जांच करके सुसंगत धाराओं में कार्रवाई करेगी।
साथ ही पिस्टल के लाइसेंस के निरस्तीकरण के लिए रिपोर्ट भेजी जाएगी।
कार्यवाहक तहसीलदार से मिले अधिवक्ता
घटना के करीब एक घंटे बाद काफी संख्या में अधिवक्ता तहसील कार्यालय पहुंचे।
जहां कार्यवाहक तहसीलदार निश्चय कुमार को अवगत कराया है कि कोर्ट परिसर में इस तरह शस्त्र लाना गंभीर बात
है। इस तरह कोई भी कोर्ट में आकर वारदात को अंजाम दे सकता है। घटना के बाद महिला को ऐसे ही जाने दिया गया।
अधिवक्ताओं की सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम और आरोपी महिला के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की गई।
इस दौरान शिवओम शर्मा, बाबूलाल, छत्रपाल सिंह यादव, अमर सिंह यादव, राघव सिंह यादव,
दिनेश कुमार यादव, पिंटेश उपाध्याय, हरीश कठेरिया आदि अधिवक्ता मौजूद रहे।
सुरक्षा में बड़ी चूक आई सामने
सोमवार को महिला द्वारा अधिवक्ता पति पर पिस्टल तानने की वारदात कोर्ट परिसर की सुरक्षा में बड़ी बात मानी जा रही
है। क्योंकि किसी को भी कोर्ट परिसर के अंदर किसी तरह का शस्त्र लाने की अनुमति नहीं है।
जबकि महिला कोर्ट परिसर में आसानी से पिस्टल लेकर उस समय चली आई,
जब न्यायालय में कार्यवाहक तहसीलदार मुकदमों की सुनवाई कर रहे थे।
तहसील में लगा सीसीटीवी भी था बंद
तहसीलदार कोर्ट में सीसीटीवी लगा हुआ है, लेकिन वह घटना के समय बंद पड़ा था। तहसील प्रशासन भी सुरक्षा के प्रति कतई गंभीर नहीं है। इसीलिए सोमवार को वारदात के समय कैमरा बंद था। अगर सीसीटीवी काम कर रहा होता तो सारी घटना कैमरे में कैद हो जाती।
रे में कैद हो जाती।
