kidnapping: निर्वस्त्र मिली रेप पीड़िता से फिर हुआ गैंगरेप, अपहरण कर दरिंदगी, और फिर….
kidnapping: यूपी के महोबा में मंगलवार रात निर्वस्त्र हालत में बेहोश मिली रेप पीड़िता के साथ
फिर गैंगरेप किया गया। वह एक महीने पहले के रेप मामले में छतरपुर गई थी।
आरोप है कि रास्ते में अपहरण कर उन्हीं लोगों ने फिर रेप किया और उसे महोबा सीमा के अंदर
फेंक दिया। होश में आने पर युवती ने अफसरों को पूरी घटना बताई।
जिसके बाद मुकदमा लिख कर जांच के लिए एसआईटी गठित की गई है।
छतरपुर में काम करने वाले हरदोई की युवती के साथ करीब एक माह पूर्व वहां वहां तैनात दो
सिपाहियों ने रेप किया था। यह मुकदमा वहां लिखा गया था जिसके बाद युवती के परिजन उसे
घर ले आए। मंगलवार को युवती इसी मुकदमे के सिलसिले में छतरपुर गयी थी,
जहां उसका अपहरण कर लिया गया। इसके बाद देर शाम वह महोबा में बेहोश मिली।
सीमा का मामला होने पर महोबा के साथ छकरपुर पुलिस वहां पहुंची और युवती को छतरपुर जिला
अस्पताल में भर्ती कराया गया। गुरुवार को होश में आई युवती ने बताया कि पुराने
मुकदमे में बयान देने के लिए वह नौगावां के लिए निकली थी।
छतरपुर रेलवे स्टेशन पर ही सिपाही संजय तिवारी और अन्य ने उसे कार में खींच लिया
और नशीला पदार्थ खिलाकर बेहोश कर दिया। इसके बाद गैंगरेप कर उसे हाईवे किनारे फेंक गए।
उसने बताया आरोपितों का साथ एक महिला भी थी। युवती की तहरीर पर छतरपुर महिला थाने मे
बरी लिधौरा, जिला टीकमगढ़ मप्र निवासी सिपाही संजय तिवारी, महेन्द्र तिवारी, बृजकिशोर तिवारी,
मनीष, शिवदयाल, छतरपुर के महेश, संगीता और दो अज्ञात के
खिलाफ अपहरण और गैंगरेप का मामला दर्ज किया है।
एसपी छतरपुर अमित सांगी ने बताया युवती के देर से होश में आने और दो प्रदेशों के बीच का
मामला होने के कारण एफआईआर में कुछ देर हुई। उन्होंने कहा जांच के लिए एसआईटी बनायी
गयी है जो त्वरित कार्रवाई करेगी। एसपी महोबा अपर्णा गुप्ता ने कहा जब तक पूरा मामला साफ
नहीं हो गया तबतक महोबा के अफसर युवती के साथ रहे।
जब पता चला कि घटना छतरपुर में हुई तो वहां मामला दर्ज कर लिया गया।
