kidnapping:पुलिस कांस्टेबल ने युवती का अपहरण कर किया दुष्कर्म,अन्य लोगों से कराया,यूपी बार्डर पर फेंक आया
kidnapping: प्रापर्टी विवाद में छतरपुर आई एक युवती को तीन दिन पहले
अगवा कर लिया गया था। युवती छतरपुर से सटी यूपी सीमा में नौगांव-अलीपुरा
नेशनल हाईवे-39 पर निर्वस्त्र हालत में मिली थी। उसे जिला अस्पताल में इलाज के लिए
भर्ती कराया गया है। युवती ने चैकांने वाले बयान दिए हैं,
इसमें एक पुलिस कांस्टेबल सहित 9 लोगों पर अगवा कर दुष्कर्म के आरोप लगाए हैं।
पुलिस द्वारा युवती को अगवा कर व सामूहिक दुष्कर्म के मामले में राजनगर थाने में
पदस्थ कांस्टेबल व उसके परिजन व महिला सहित 9 लोगों पर एफआईआर दर्ज की है।
यह एफआईआर जिला अस्पताल में इलाजरत महिला के बयान के बाद की गई है।
पुलिस के अनुसार 22 वर्षीय महिला यूपी के हरदोई जिले की रहने वाली है।
उसने पुलिस का बयान दिया है कि संजय तिवारी ने उसके साथ रेप किया था,
इसकी शिकायत उसने 14 फरवरी को महिला थाने में दर्ज कराई थी।
पुलिस के बुलाने पर वह 17 मार्च 2023 को छतरपुर आई थी।
वह छतरपुर रेलवे स्टेशन से मोबाइल पर बात करते हुए बाहर निकली इसी दौरान
अजय तिवारी नाम के व्यक्ति ने उसका फोन छीन लिया और जब वह पीछे भागी तो
उसे संजय तिवारी, उसके मौसा, महेश, भाई महेंद्र व अन्य
लोगों ने पकड़कर कार में जबरन डालकर अपहरण कर लिया।
महिलाओं पर भी पीड़ित युवती ने लगाए हैं आरोप
पुलिस अधीक्षक द्वारा मीडिया को दी गई जानकारी अनुसार उसके
अपहरण व दुष्कर्म में संजय तिवारी, मनीष और महेंद्र ने उसके साथ कई बार रेप किया।
संजय के पिता, ब्रजकिशोर तिवारी, चाचा शिवदयाल, बड़ी बहन संगीता व अन्य ने पुराना रेप का केस वापस लेने का दबाव बनाया।
सभी ने मारपीट की। 26 अप्रैल की सुबह 4 बजे संजय के पिता, बहन और चाचा एक कार से
उसे हाईवे किनारे फेंककर चले गए। इसके पहले उन्होंने
उसे बदबू वाली दवा भी पिलाई, जिससे वह बेहोश हो गई थी।
एसआईटी करेगी जांच, कांस्टेबल सस्पेंड
छतरपुर पुलिस अधीक्षक ने मामला सामने आने के तत्काल बाद राजनगर थाने के
कांस्टेबल संजय तिवारी को तत्काल निलंबित कर दिया है।
वहीं मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया गया है। इसमें महिला निरीक्षक, सिविल
लाइन थाना प्रभारी सहित अन्य अधिकारियों को शामिल किया गया है।
