Google search :सावधान! गूगल पर ढूंढ रहे हैं कस्टमर केयर नंबर, तो पहले पढ़ लें ये खबर

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Google search :सावधान! गूगल पर ढूंढ रहे हैं कस्टमर केयर नंबर, तो पहले पढ़ लें ये खबर

google search : बैंक या किसी कंपनी से जुड़े ‘कस्टमर केयर’का नंबर गूगल पर सर्च कर रहे हैं!

तो सावधान रहें। क्योंकि गूगल के सर्च इंजन में टॉप लिंक पर दिख रहे नंबर साइबर ठगों के भी हो

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सकते हैं। ऐसे में अगर आपने बिना जांच परख के वो नंबर सीधे डायल कर दिया,

तो समझिए आप ने साइबर ठगों के दरवाजे पर ‘दस्तक’ दे दी।

अक्सर लोगों को सर्विस से जुड़ी समस्या में बैंक या कंपनी से संपर्क करने की जरूरत पड़ती है।

हेल्पलाइन नंबर निकालने के लिए लोग सबसे आसान तरीका गूगल पर सर्च करने को मानते हैं।

फिर होता है ऑनलाइन ठगी का गेम शुरू। लिहाजा पैसे सेफ करने हैं

तो गूगल सर्च (google search ) पर कभी भी बैंक,

कंपनी का हेल्पलाइन या कस्टमर केयर नंबर सर्च करें तो अच्छे से जांच परख लें।

मुमकिन हो तो सर्च के लिए संबंधित वेबसाइट पर दिए गए नंबर को ही मिलाएं।

संपर्क आपके डायल करने के बाद कोई कॉल आए तो

बैंक से जुड़ी जानकारी मांगे तो ऐसी डिटेल्स शेयर न करें।

ऐसे हुई 5 हजार लोगों से करोड़ों की ठगी

पिछले साल सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन (SEO) पर आईएफएसओ और

पुलिस ने देशभर में करीब 5000 से अधिक लोगों से करोड़ो रुपये की ऑनलाइन ठगी का ऐसा ही

खुलासा किया था। पीड़ित ने बताया कि वह चेक से संबंधित जानकारी के लिए

गूगल से बैंक का कस्टमर केयर नंबर लेने की कोशिश कर रहे थे।

इस दौरान उनको एक नंबर मिला। नंबर पर बात करने वाले शख्स ने खुद को बैंक का

प्रतिनिधि बताकर पीड़ित को एक लिंक भेजा। लिंक उस बैंक की वेबसाइट से मिलता-जुलता था।

जैसा बताया, वैसा ही पीड़ित करता गया। इसमें एक लिंक डाउनलोड करते ही

उनका मोबाइल हैक हो गया। इसके बाद पीड़ित के खाते से 27.10 लाख रुपये निकल लिये गए।

तहकीकात में एक दर्जन से अधिक आरोपी गिरफ्तार हुए।

पता चला कि ठगों ने अलग-अलग बैंक से मिलते-जुलते लिंक और वेबसाइट बनाए हुए थे।

इसमें गूगल से मदद मांगने वाले लोगों को सबसे पहले लिंक उपलब्ध करवाने के‌ लिए

सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन का सहारा लिया गया था।

बना डालीं 50 से अधिक फेक शॉपिंग साइट्स

दिल्ली पुलिस की आईएफएसओ ने कुछ समय पहले 50 से अधिक फेक

शॉपिंग वेबसाइट के जरिए देशभर के 10 हजार से अधिक लोगों से 25 करोड़ की ठगी का

खुलासा किया था। पकड़े गए आरोपियों ने बताया कि ज्यादा से ज्यादा लोग इनके झांसे में आएं,

इसके लिए सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन (SEO) से गैंग अपनी फर्जी वेबसाइट को

सर्च लिस्ट में सबसे ऊपर रखता था। कोई भी गूगल या दूसरे ब्राउजर पर जब

प्रोडक्ट खरीदने के लिए सर्च करते थे तो सबसे ऊपर इनकी ही

फर्जी वेबसाइट दिखाई देती थी। लोग आसानी से इनके झांसे में आ जाते थे।

आरोपियों ने कई सालों के दौरान 50 से अधिक फर्जी वेबसाइट बनाकर उससे ठगी की।

जैसे www.bookmytab.com, the Ripped Jeans, Dailyposhak, Denimtee,

Femidukan, Jacobdenims, Naridukaan समेत कुछ ऐसी कई अन्य वेबसाइट से ठगी की जाती थी।

टॉप सर्च पर ‘Ad’के साथ है लिंक, न करें क्लिक

दिल्ली पुलिस के आईएफएसओ डीसीपी प्रशांत गौतम के मुताबिक,

सर्च इंजन पर दो तरह से नंबर और लिंक दिखते हैं। एक जो ‘Ad’ के साथ लिंक दिखाई दे रहा है।

उसे कभी क्लिक न करें। वह पेड एड के आधार पर प्रमोट किया हुआ लिंक है।

दूसरा, किसी भी बैंक या कंपनी की वेबसाइट का यूआरएल अच्छे से जांच लें।

हुबहू वेबसाइट में, न दिखने वाले डॉट, डैश, स्लैश, अंडर स्कोप जैसे माइक्रो लेवल पर फर्क होता है।

संबंधित बैंक या कंपनी जैसी डिजाइन, लोगो की वेबसाइट से लोगों झांसे में फंसते हैं।

इसके अलावा कई बार सरकारी योजनाओं के नाम से भी फर्जी वेबसाइट बना ली जाती हैं।

ये टिप्स अपनाकर बच सकते हैं ठगी से

​फेक वेबसाइट के अलावा गूगल मैप और गूगल सर्च में बड़ी कंपनियों और अन्य संस्थानों के

कॉन्टैक्ट डिटेल्स को एडिट करने का विकल्प होता है। शातिर ठग इसका भी फायदा उठाते हैं।

वह असली नंबर को एडिट करके अपना नंबर अपडेट कर देते हैं।

ऐसे में जब आप कंपनी के नाम से नंबर सर्च करते हैं तो उनका नंबर आ जाता है।

​किसी भी बैंकिंग वेबसाइट पर जाने से पहले उसके यूआरएल (URL) को ठीक से वेरिफाई कर

लें। कई बार बैंकों जैसी दिखने वाली वेबसाइट असल में फेक होती है।

अगर आप उस लिंक को खोलकर अपनी डिटेल्स दर्ज करेंगें तो अकाउंट खाली होना तय है।

बचने के लिए आसान तरीका है कि आप उस कंपनी की वेबसाइट पर जाएं।

एड्रेस बार में कंपनी की स्पेलिंग जरूर देखें। स्पेलिंग गलत है तो वेबसाइट भी गलत होगी।

वेबसाइट सही है तो अब उस पेज पर सबसे नीचे या टॉप पर राइट या लेफ्ट साइड में

Contact Us, Helpline या Support जैसे ऑप्शन मिलेंगे।

आप इन पर क्लिक करके कंपनी का नंबर देख सकते हैं।

फ्रॉड होने पर तुरंत 1930 नंबर पर कॉल करें। या साइबर

क्राइम पोर्टल cybercrime.gov.in पर कंप्लेंट करें।

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Ajay Sharmahttps://computersjagat.com
Indian Journalist. Resident of Kushinagar district (UP). Editor in Chief of Computer Jagat daily and fortnightly newspaper. Contact via mail computerjagat.news@gmail.com

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