Gay: साहब अब साथ जीना और उसके साथ ही मरना है…समलैंगिक संबंधों की कहानी लेकर थाने पहुंचीं दो महिलाएं
gay: साहब, मैं पति के साथ नहीं रहना चाहती। मेरी दोस्त मुझे बहुत चाहती है, मैं भी उसे पसंद करती हूं।
बिछवां थाने में तीन माह से गायब विवाहिता, महिला दोस्त के साथ पहुंची और यही राग अलापने लगी।
थाने में पति और परिवारीजन आए तो उनके साथ जाने से इंकार कर दिया।
काफी समझाने पर भी जब वो न मानी तो परिजन उसे थाने में छोड़कर लौट गए।
शुक्रवार को समलैंगिक (gay) संबंधों से जुड़े इस मामले को सुलझाने में पुलिस के पसीने छूट गए।
मामला थाना क्षेत्र के ग्राम नेकपुरा से जुड़ा है। यहां की निवासी वंदना पुत्री अशोक कुमार की दोस्ती
कुरावली के ग्राम हविलिया निवासी खुशबू पत्नी संजीव कुमार से हो गई।
वंदना बाइक से अक्सर खुशबू से मिलने हविलिया आती और उसे अपने साथ बाजार भी ले जाती।
खुशबू और वंदना की दोस्ती पति संजीव को पसंद नहीं थी और उसने रोकटोक शुरू कर दी।
27 अप्रैल को खुशबू अपने तीन बच्चों शालू (11), कनक (8) और आर्यन (7) के साथ गायब हो गई।
वंदना की गुमशुदगी पिता ने और खुशबू की गुमशुदगी पति ने दर्ज कराई।
अचानक दोनों पहुंच गईं थी थाने
दोनों की गुमशुदगी दर्ज करने के बाद पुलिस ने जांच शुरू की।
शुक्रवार को अचानक वंदना, खुशबू और उसके तीन बच्चों के साथ थाने पहुंच गई।
दोनों ने जानकारी दी कि वे नोएडा के सूरजपुर के मोहल्ला मलखपुर में रहने लगी हैं
और वहीं एक कंपनी में काम कर रही हैं। जानकारी पाकर परिजन थाने आ गए।
जहां पति को देखकर खुशबू ने उसके साथ जाने से इंकार कर दिया। वंदना और खुशबू ने लिखकर दिया कि वे
दोनों अपनी स्वेच्छा से गई थीं और अब एक-दूसरे के साथ ही जिंदगी बिताएंगी।
बच्चों ने कहा, पापा करते हैं मारपीट
बच्चों ने भी मां खुशबू की बात का समर्थन कर कहा कि उसके पिता उसके साथ मारपीट करते हैं।
वहीं चूंकि दोनों महिलाएं बालिग हैं इसलिए पुलिस ने दोनों को लिखित में लेकर छोड़ दिया
और वे दोनों फिर से नोएडा के लिए रवाना हो गईं। परिवार के लोग भी
थाने से निराश होकर लौट आए। इलाके में इस घटना की चर्चा है।
