Garland: मातम में बदलीं खुशियां, दूल्‍हे को वरमाला पहनाते ही स्‍टेज पर गिरकर दुल्‍हन की मौत,जानिए कैसे..

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Garland: मातम में बदलीं खुशियां, दूल्‍हे को वरमाला पहनाते ही स्‍टेज पर गिरकर दुल्‍हन की मौत,जानिए कैसे..

garland: लखनऊ के मलिहाबाद स्थित भदवाना गांव में हैरान कर देने वाला एक ऐसा हादसा हो गया

जिससे चंद सेकेंड पहले हंसते-मुस्‍कुराते जश्‍न मनाते लोग मातम में डूब गए।

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यहां शादी के स्टेज पर वरमाला के दौरान ही दुल्हन की मौत हो गई।

वरमाला डालने के बाद कुर्सी पर बैठने जा रही युवती अचानक स्टेज पर गिर गई।

मेडिकल कॉलेज में जांच के बाद उसे मृत करार दिया गया। मौत की सूचना से दोनों परिवार गम में डूब गए।

शनिवार सुबह युवती का गांव में ही अंतिम संस्कार कर दिया गया।

भदवाना गांव निवासी फर्नीचर कारीगर राजपाल शर्मा की बेटी शिवांगी का रिश्ता

लखनऊ के बुद्धेश्वर मोहल्ला निवासी फर्नीचर कारीगर विवेक से तय हुआ था।

शुक्रवार रात भदवाना गांव में बारात पहुंची थी। स्वागत-सत्कार कर नाच-गाने के बीच द्वारचार की रस्में पूरी हुईं।

स्टेज पर वरमाला के लिए दूल्हा और दुल्हन लाए गए। दूल्हे के साथी

और दुल्हन की सखियां हंसी-खुशी के बीच वरमाला की रस्में पूरी की।

परिवार के लोगों के मुताबिक वरमाला डालने के बाद दुल्हन शिवांगी स्टेज पर रखी कुर्सी पर बैठने लगी।

तभी गश खाकर गिर पड़ी। फौरन उसे कसमण्डी कला स्थित अस्पताल ले जाया गया।

यहां डॉक्टरों ने हार्ट अटैक की आशंका जताकर डॉक्टरों ने

मेडिकल कॉलेज जाने की सलाह दी, जहां मृत करार दे दिया गया।

शव यात्रा में बाराती भी शामिल

शिवांगी की असमय मौत से दूल्हे के परिवार समेत पूरी बारात में भी शोक का माहौल रहा।

रात में दुल्हन की मौत से दुखी दूल्हे और परिवार समेत सभी बारातियों ने दुल्हन की अंतिम यात्रा में

शामिल हुए और अन्तिम संस्कार कर श्रद्धांजलि दी। दुल्हन की मौत से गांव में मातम पसरा रहा।

ग्रामीणों ने बताया कि शिवांगी कुछ दिनों से बीमार थी। हल्का-फुल्का बुखार था,

हृदय संबंधी तकलीफ नहीं हुई। अचानक कैसे हुआ, किसी को समझ नहीं आ रहा।

हृदय में इलेक्ट्रिक शॉर्ट सर्किट ले रहा जान

कॉर्डियोलॉजिस्ट दिल में इलेक्ट्रिक शार्ट सर्किट की आशंका मान रहे हैं।

यह अत्यधिक डर, खुशी, दुख या घबराहट से पनप सकती है, जो बिना मौका दिए जान ले सकता है।

 

धड़कन अधिक बढ़ते ही फेल हो जाती है पंपिंग

हृदय कंडक्शन सिस्टम से इलेक्ट्रिकल करंट चलता है। धड़कन अगर 200-250 प्रति मिनट हो जाता है तो हृदय पंप नहीं कर पाता है, मस्तिष्क में खून न होने से मौत हो जाती है।

 

हार्ट बीट 300 होते ही मात्र 20-30 सेकेंड में मौत संभव

अत्याधिक उत्साह या दुख पर एडनिरिल हार्मोन ज्यादा बनता है, जो धड़कनें बढ़ा देता है। सामान्य धड़कन 70-100 होनी चाहिए, जो 200-300 तक पहुंच जाती है। ज्यादा एक्साइटमेंट पर दिल रुक जाता है। 20-30 सेकेंड में मौत हो जाती है। (जैसा लोहिया कॉर्डियोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ.भुवन तिवारी ने बताया)

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Ajay Sharmahttps://computersjagat.com
Indian Journalist. Resident of Kushinagar district (UP). Editor in Chief of Computer Jagat daily and fortnightly newspaper. Contact via mail computerjagat.news@gmail.com

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