Contract workers:पत्नी ने फोड़ा पति का भांडा, अफसरों संग मिलकर क्या करता था संविदाकर्मी? डीएम-एसपी के सामने खोली पोल, फिर…
contract workers:यूपी के अमरोहा में एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने सभी को हैरान कर दिया।
जिला अस्पताल में तैनात एक संविदाकर्मी की उसकी ही पत्नी ने पोल खोलकर रख दी।
पत्नी का कहना था कि पति ड्यूटी पर जाए बिना ही अधिकारियों से मिलीभगत कर वेतन ले रहा है।
शिकायत सीएमओ समेत डीएम-एसपी व मुख्यमंत्री स्तर पर की है।
तहसील क्षेत्र के गांव निवासी शिकायतकर्ता का कहना है कि उसका पति जिला अस्पताल की
पैथालॉजी लैब में संविदा कर्मी (contract workers) के पद पर तैनात है। आरोप लगाया है
कि पति माह में मात्र एक या दो दिन ही ड्यूटी पर जाता है। उसने विभागीय स्टॉफ से मिलीभगत कर रखी है।
मात्र एक-दो दिन जाकर ही वह अपनी हाजिरी पूरी कर देता है और प्रतिमाह वेतन लेता है।
आरोप लगाया कि पति शराब पीकर आए दिन उसके साथ मारपीट भी करता है।
परेशान होकर वह अपने पिता के यहां आकर रहने लगी। आरोप है
कि पति वहां आकर भी शराब पीकर उत्पात मचाता है। उसने पिता के घर के पास एक कमरा भी ले लिया है।
पीड़िता पर 10 व 12 वर्ष के दो बच्चे हैं। शुक्रवार को उसने सीएमओ,
डीएम व एसपी से शिकायत कर मामले में जांच कर कार्रवाई करने की मांग की।
दाखिल की आरटीआई, पति की छुट्टी का ब्योरा मांगा
महिला ने जन सूचना अधिकारी एवं मुख्य चिकित्सा अधिकारी से सूचना के अधिकार के तहत आवेदन करते हुए
सूचना मांगी थी कि जिला स्वास्थ्य केंद्र में कितने संविदा कर्मी तैनात हैं।
अपने पति की छुट्टी का तिथिवार ब्योरा देने की मांग भी की थी। उसकी उपस्थिति का ब्यौरा भी मांगा था।
मजे की बात यह रही कि तीन माह बाद विभाग द्वारा दिए गए उत्तर में कहा गया कि
जिला स्वास्थ्य केंद्र के नाम से कोई स्वास्थ्य केंद्र ही जिले में संचालित नहीं है।
ममता ने अब राज्य सूचना आयोग में इस बावत अपील की है। साथ ही महिला आयोग में भी शिकायत दर्ज कराई है।
पूर्व भी पकड़ में आ चुका है मामला
महिला के आरोपों में कितनी सच्चाई है, यह तो विभागीय जांच से ही साफ हो सकेगा
लेकिन बिना ड्यूटी वेतन लेने का मामला पूर्व में पकड़ में भी आ चुका है।
सीएमओ कार्यालय में तैनात एक महिला चिकित्सक कई वर्ष तक बिना
ड्यूटी किए ही सैलरी लेती रही थीं। मामला पकड़ में आने पर उनके खिलाफ कार्रवाई की गई थी।
सीएमओ डॉ. राजीव सिंघल का कहना है कि महीनों तक गैर हाजिर रहने के बाद सैलरी आहरित होना संभव नहीं है।
अब बायोमेट्रिक तरीके से हाजिरी लगती है। शिकायत पर मामले की जांच कराई जाएगी।
जो भी सत्यता होगी, उसी के आधार पर आगे कार्रवाई की जाएगी।
जहां तक पारिवारिक विवाद का मामला है तो उसमें महिला को पुलिस की मदद लेनी चाहिए।
