Busted: ब्रांडेड कंपनियों के नाम की नकली शराब बनाने की फैक्ट्री का भंडाफोड़, सात गिरफ्तार
Busted: एसओजी और मझोला पुलिस टीम ने खुशहालपुर में छापेमारी कर अंग्रेजी शराब की ब्रांडेड कंपनियों की नकली शराब बनाने की फैक्ट्री का खुलासा किया है।
चेकिंग के दौरान एक आरोपी को पकड़ने के बाद मिली जानकारी के आधार पर की गई छापेमारी में छह और आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
मौके से पुलिस ने भारी मात्रा में अंग्रेजी शराब की नामी कंपनियों की नकली शराब की बोतलें, खाली बोतलें, बार कोड, ढक्कन और शराब बनाने का उपकरण बरामद किए हैं। बरामद नकली शराब की कीमत करीब बीस लाख रुपये बताई जा रही है।
सातों आरोपी अपने अन्य चार साथियों के साथ मिलकर लोकसभा चुनाव में खपाने के लिए अवैध रूप से शराब तैयार करके बेच रहे थे।
गिरफ्तार किए गए सातों आरोपियों को पुलिस ने कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया है। अवैध फैक्ट्री पकड़ने वाली टीम को एसएसपी ने 25 हजार रुपये का इनाम दिया है।
एसएसपी हेमराज मीणा और सीओ सिविल लाइंस अर्पित कपूर ने रविवार को पुलिस लाइन में पत्रकारों से बात करते हुए नकली शराब फैक्ट्री और शराब तस्कर गैंग का खुलासा किया।
एसएसपी हेमराज मीणा ने बताया कि एसएचओ मझोला कमलेश कांत वर्मा और एसओजी प्रभारी अमित कुमार की टीम रविवार सुबह मझोला क्षेत्र के बुद्धि विहार इलाके में व्हाइट हाउस चौराहे पर चेकिंग कर रही थी।
उसी दौरान स्कूटी सवार को रोकने का प्रयास किया तो वह भागने लगा। पुलिस ने घेराबंदी कर स्कूटी सवार को पकड़ लिया। पूछताछ में उसकी पहचान संभल जिले के नखासा थाना क्षेत्र के सिंहपुरसानी निवासी मुनाजिर उर्फ साहिल के रूप में हुई।
उसके पास से ब्लेंडर्स प्राइड ब्रांड की 12 बोतल शराब बरामद हुई। बरामद शराब की बोतल पर लगे बार कोड को टीम ने यूपी एक्साइज ऐप की सहायता से स्कैन करने का प्रयास किया तो वह स्कैन नहीं हुआ।
बाद में सख्ती से पूछने पर आरोपी ने नकली शराब बनाने की फैक्ट्री चलाने की बात स्वीकार की और बताया कि खुशहालपुर में रविंद्र कुमार का मकान किराये पर लेकर वहां अवैध रूप से मिलावटी शराब बनाकर बेचते हैं।
सूचना पर टीम ने भारी पुलिस बल के साथ खुशहालपुर स्थित रविंद्र के मकान पर छापेमारी कर दी। मौके पर 8-10 व्यक्ति अवैध रूप से नकली शराब तैयार करके बोतलों में भरकर उस पर बार कोड लगा रहे थे।
पुलिस टीम को देख वहां से चार आरोपी भाग निकले। पुलिस ने छह आरोपियों को मौके से दबोच लिया।
पकड़े गए आरोपियों में बिजनौर के स्योहारा थाना क्षेत्र के ख्वाजा अहमदपुर जलाल निवासी संजय कुमार, नूरपुर थाना के रामनगर नूरपुर निवासी परवेंद्र, भगतपुर के निवाड़खास निवासी राम सिंह, नागफनी के डिप्टीगंज निवासी तरुण सैनी, गलशहीद थाना क्षेत्र के डेहरवाली मस्जिद असालतपुरा निवासी फैजुर्रहमान उर्फ फैजान और मझोला के पीर का बाजार करूला निवासी मोहम्मद जावेद शामिल हैं।
उस मकान से पुलिस ने भारी मात्रा में ब्रांडेड कंपनी की नकली शराब, शराब बनाने के उपकरण और सामग्री, खाली बोतलें, ढक्कन, नकली बारकोड आदि करीब बीस लाख रुपये का सामान बरामद किया है।
एसएसपी हेमराज मीणा ने बताया कि गिरफ्तार किए गए सातों आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी, मिलावटी शराब बनाने, आबकारी अधिनियम समेत अन्य गंभीर धाराओं में केस दर्ज कर कार्रवाई की गई है।
सातों आरोपियों को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया है। फरार चल रहे चार आरोपियों की तलाश में पुलिस की दो टीमें लगाई गई हैं। उनके खिलाफ इनाम भी घोषित किया जाएगा।
नामी बड़े ब्रांड की शराब के ढक्कन, बोतलें और नकदी बरामद
खुशहालपुर में अवैध शराब की जो फैक्ट्री पकड़ी गई वहां से भारी मात्रा में सामग्री बरामद की गई है।
एसएसपी हेमराज मीणा ने बताया कि छापेमारी के दौरान ब्लेंडर्स प्राइड व्हिस्की की 66, रॉक फोर्ड के 47 क्वार्टर और सात हाफ, मैकडावेल्स नंबर-1 की 4 बोतल, 41 क्वार्टर व 16 हाफ बरामद किया गया।
इसके अलावा राजधानी व्हिस्की की चार बोतल, रॉयल स्टैग की दो बोतल, 28 हॉफ और नौ क्वार्टर, व्हाइट एंड ब्लू के 46 क्वार्टर और 13 हाफ बरामद हुई हैं।
साथ ही विभिन्न ब्रांड की करीब तीन लाख 40 हजार रुपये की नकली शराब, सील और ढक्कन, करीब दो लाख रुपये कीमत के बार कोड, प्लास्टिक का ड्रम, एक्स्ट्रा न्यूट्रल अल्होहल, 49 हजार 120 रुपये की नकदी, आठ मोबाइल फोन और स्कूटी बरामद हुई है।
गिरफ्तार आरोपियों में से राम सिंह ऐसा आरोपी है, जिसके खिलाफ पहले भी आबकारी एक्ट में कई मुकदमे दर्ज हैं। उस पर भगतपुर थाना पुलिस गैंगस्टर एक्ट के तहत भी कार्रवाई कर चुकी है।
कोई लाता था ढक्कन तो कोई करता था बार कोड का इंतजाम
अवैध शराब फैक्ट्री में जुगाड़ से ब्रांडेड कंपनियों की नकली शराब तैयार की जाती थी। सीओ सिविल लाइंस अर्पित कपूर ने बताया कि पूछताछ के दौरान आरोपी मुनाजिर उर्फ साहिल ने पूरे नेटवर्क और कार्यशैली की जानकारी दी है।
आरोपी ने बताया कि वह लोग कंपनी में बनने वाले अल्कोहल को फर्जी तरीके से खरीद कर उसमें दुकान से खाने वाला रंग खरीद कर मिलाकर शराब बनाते थे। उसे बोतलों में भरकर बेच देते थे।
आरोपी राम सिंह और उसका भाई जगदीश इस अल्कोहल का इंतजाम करते थे। इसके अलावा आरोपी संजय और उसका भतीजा पवेंद्र बोतलों पर लगाई जाने वाली सील, ढक्कन और नकली बार कोड की व्यवस्था करते थे।
यह बार कोड दिल्ली में बनवाया जाता था। गलशहीद के असालपुरा क्षेत्र निवासी आरोपी फैजान उर्फ फैजुर्रहमान और पीर का बाजार करूला निवासी जावेद खाली बोतल, हॉफ और क्वार्टर की शीशी का इंतजाम करते थे।
अवैध रूप से शराब तैयार करने के लिए खुशहालपुर में रविंद्र का मकान किराये पर ले रखा था, हालांकि उसमें क्या काम हो रहा है यह उसे पता नहीं था।
उसी मकान में शराब तैयार करके डिमांड के अनुसार अगल-अलग क्षेत्र में सप्लाई करने का काम होता था। चूंकि ब्रांडेड कंपनी की नकली शराब तैयार होती थी इसलिए इसकी बिक्री आसानी से हो जाती थी।
अपमिश्रित शराब बेच कर आरोपियों को 70 फीसदी तक का मुनाफा होता था। जैसे यदि तीस रुपये माल तैयार करने में खर्च होता तो आरोपी उसे बेच कर सौ रुपये तक कमा लेते थे।
लोकसभा चुनाव में खपाने के लिए बना रहे थे शराब
पुलिस गिरफ्त में आए अवैध शराब का गोरखधंधा करने वालों ने पुलिस पूछताछ में बताया कि लोकसभा चुनाव के चलते शराब की डिमांड बढ़ गई थी।
कुछ नेताओं ने भी उनसे अवैध रूप से सस्ती शराब उपलब्ध कराने को कहा था। इसी डिमांड को पूरी करने के लिए आरोपी बड़े पैमाने पर अवैध रूप से नकली शराब बनाकर उसे खपाने के प्रयास में जुटे थे।
एसएसपी हेमराज मीणा ने कहा कि पुलिस टीम पूरे नेटवर्क ओर इससे जुड़े लोगों के बारे में जानकारी कर गहनता से जांच कर रही है। जो भी इसमें संलिप्त पाया जाएगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
खुलासा करने वाली टीम को मिला 25 हजार का इनाम
एसएसपी हेमराज मीणा ने अवेध शराब फैक्ट्री का खुलासा करने वाली टीम को 25 हजार रुपये का इनाम देने की घोषणा की है। इस टीम में एसएचओ मझोला केके वर्मा, एसओजी प्रभारी अमित कुमार और उनकी टीम, मझोला थाने के एसएसआई उमाशंकर सिंह,
एसआई देवेंद्र कुमार, कमल किशोर, योगेश शर्मा और एसआई ओमकार सिंह के साथ ही हेड कांस्टेबल शोभिंद्र सिंह, दीपक और जगवीर सिंह के साथ ही सिपाही गणेश, अमित कुमार, सोपाल व राजबहादुर शामिल रहे। एसएसपी ने सभी के कार्यों की सराहना करते हुए प्रशस्तिपत्र देने की भी बात कही है।
