blackmailing: हुस्न की बालाओं के जाल में फंसने से बचें, हनी ट्रैप का शिकार होने वाले गंवा रहे लाखों

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blackmailing: हुस्न की बालाओं के जाल में फंसने से बचें, हनी ट्रैप का शिकार होने वाले गंवा रहे लाखों

blackmailing: : रात में अनजान नंबर से वीडियो कॉल आए तो भूलकर रिसीव न करें।

अगर गलती की तो हनी ट्रैपिंग का शिकार हो सकते हैं।

बरेली शहर में एक संविदा परिचालक समेत 17 लोग हुस्न की बालाओं के जाल में फंसकर खून के

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आंसू रो रहे हैं। स्क्रीन सॉट और वीडियो रिकार्डिंग इस तरह से गैंग करता है,

जिसमें उनकी तस्वीर नहीं आएगी। अश्लील वीडियो रिकार्ड कर

ब्लैकमेलिंग (blackmailing) की जाती है। पैसे नहीं दिए तो मुकदमा दर्ज होना तय है।

संविदा परिचालक, इंजीनियर, बैंककर्मी, व्यापारी, दरोगा,

सिपाही समेत 17 लोगों से एक से 10 लाख रुपये तक वसूले गए।

करीब पांच लोगों ने अलग-अलग थानों में शिकायतें की हैं।

शिकायतें एसएसपी कार्यलय पहुंची तो जांच शुरू हो गई है। कहा जा रहा है

कि पुलिस भी गैंग से डरती है। ऐसा इसलिए कि कहीं गैंग की महिलाएं

पुलिस पर ही कोई आरोपन लगा दें, इसलिए पुलिस वाले भी

जांच को नहीं जा रहे हैं। वसूली के पैसों का वीडियो वायरल हो रहा है।

वसूली के पैसों का वीडियो वायरल वीडियो कॉलिंग से पहले गैंग की महिलाएं

पार्लर में जाकर मॉडल के रूप में तैयार होती हैं। जिससे दिखने में वह सुंदर लगे।

संजयनगर की रहने वाली गैंग की सदस्य एक महिला का वीडियो और फोटो वायरल हो रहा है।

स्मोकिंग कर रही है और शराब पी रही हैं। एक वीडियो में महिला बेड पर वसूली के

ढ़ाई लाख रुपए 500-500 के नोट उड़ाती है और बाद में पैसे एकत्रित करती है।

सावधान! ऐसे बातकर फंसाता है ये गैंग

संजयनगर, नकटिया, बाकरगंज की रहने वाली पांच महिलाएं हैं।

इनके साथ चार अन्य पुरुष भी हैं। इनमें संजयनगर की रहने वाली महिला के साथ

फतेहगंज पूर्वी क्षेत्र का एक युवक है, जो खुद को दिल्ली पुलिस कमिश्नर बताकर

ब्लैकमेलिंग(blackmailingblackmailing) करता है। गैंग की महिलाएं खासकर सरकारी कर्मचारियों को अपना निशाना बनाती हैं।

वीडियो कॉलिंग के माध्यम से अश्लील बातें करके फंसाया जाता है।

जो उनकी बातों में बहक जाते हैं। उनके ही स्क्रीन सॉट, वीडियो लेकर वसूली होती है।

फतेहगंज पूर्वी का एक युवक पुलिस कमिश्नर बनकर कहता है, समझौता कर लो।

नहीं तो जेल भेज दिए जाओ। एक नंबर भी देता है। इस पर बात कर मामला निपटाओ।

एक लाख से लेकर 10 लाख तक में होता है समझौता

हनी ट्रैप के शिकार होने वाले लोगों ने आप बीती सुनाई। सरकारी विभाग के इंजीनियर से

2.50 लाख, संविदा परिचालक से 1.50 लाख, एक दरोगा से एक लाख लिए

और कोतवाली में मुकदमा भी दर्ज करा दिया। चार सिपाही भी फंसे थे।

डेढ़-डेढ़ लाख में मामला निपटा। रामपुर गार्डन के रिटायर बैंक कर्मी को कमिश्नर बनकर धमकाया

गया। बुजुर्ग बैंककर्मी ने मुकदमा दर्ज करा दिया। तीन व्यापारी भी गैंग के चक्कर में आकर पैसा

देकर जेल जाने से बचे हैं। बेइज्जती से बचने को 17 लोग लाखों देकर मुकदमा से बचे।

एसएसपी बरेली, प्रभाकर चौधरी ने कहा कि गैंग के बारे में सूचना मिली है।

जानकारियां जुटाई जा रही हैं। पुराने केस का डाटा खंगाला जा रहा है।

जल्दी ही इस मामले में कार्रवाई की जाएगी। गैंग का पर्दाफाश करेंगे।

केस दर्ज कराते ही आता है पांच मिनट में फोन

गैंग की महिलाओं को जब पैसा नहीं दिया जाता है, तो कुछ पुलिसकर्मियों से मिलती हैं।

फिर मुकदमा दर्ज कराया जाता है। एक तरफ मुकदमा दर्ज होता है।

दूसरी तरह फर्जी पुलिस कमिश्नर व नकटिया की गैंग सरगना काजाते फोन मुकदमें में नामजद

आरोपी के पास जाता है। समझौता कराने का ऑफर दिए  हैं।

एक सफेदपोश के ऑफिस से भी कोई फोन करता है।

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Ajay Sharmahttps://computersjagat.com
Indian Journalist. Resident of Kushinagar district (UP). Editor in Chief of Computer Jagat daily and fortnightly newspaper. Contact via mail computerjagat.news@gmail.com

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