Arrested: बच्चे चोरीकर बेचने के आरोप में महिला गिरफ्तार,पुछ-ताछ में जुटी पुलिस
Arrested: दिल्ली पुलिस ने एक ऐसी महिला को गिरफ्तार किया है जो चोरी के बच्चों को ही नहीं अपने सगी संतान को बेच देती थी।
गिरफ्तार महिला ने न केवल दूसरों के बच्चों को बल्कि खुद के बेटे को भी जीवन-यापन के लिए बेचा है।
रेलवे पुलिस ने आरोपी से पूछताछ के बाद इसका खुलासा किया।
आरोपी महिला अपने 15 माह के बेटे एवं गर्भ में पल रहे बच्चे को बेचने के लिए भी ग्राहक तलाश रही थी।
घर की आर्थिक स्थिति बेहद खराब होने के चलते वह डेढ़ साल से बच्चों को चोरी कर उन्हें बेच रही थी।
दूसरी शादी की
नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से तीन बच्चों को चोरी करने के आरोप में गिरफ्तार 34 वर्षीय आरती ने पुलिस को बताया है कि उसकी पहली शादी 17 साल पहले वर्धमान में हुई थी।
इस शादी से उसके दो बेटे हुए, लेकिन सात साल पहले पति ने उसे तलाक दे दिया।
वह वर्धमान छोड़कर अकेले फरीदाबाद आ गई और यहां सूरज नामक शख्स से दूसरी शादी कर ली।
इस शादी से उसके दो बच्चे हुए, जिनमें बड़ा बेटा छह साल जबकि छोटा बेटा 15 महीने का है।
खुद को बताती थी डॉक्टर
दो साल पहले उसकी मुलाकात फरीदाबाद की रहने वाली प्रिया से हुई जो खुद को डॉक्टर बताती थी।
उसने आरती को बताया कि उसके पास कई निसंतान दंपति आते हैं जो बच्चा गोद लेना चाहते हैं।
उसने आरती से कहा कि अगर वह कोई छोटा बच्चा लेकर आए तो उसे अच्छे पैसे दिलवा सकती है।
इस पर उसने अपने छह वर्षीय बेटे को गोद देने की बात कही क्योंकि वह उसका पालन-पोषण करने में सक्षम नहीं थी।
पहली बार नहीं मिला ग्राहक
प्रिया ने उसके बेटे को एक लाख रुपये में गोद दिलवा दिया और आरती को 90 हजार रुपये दिए थे।
घर की आर्थिक स्थिति खराब होने के चलते आरती ने रेलवे स्टेशन से बच्चा चोरी करने का निर्णय लिया।
जुलाई 2023 में उसने नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से तीन साल का एक बच्चा चोरी किया।
प्रिया ने कई लोगों को इस बच्चे का फोटो भेजा, लेकिन ग्राहक नहीं मिला।
इसलिए आरती ने बच्चे को दो दिन बाद लावारिस हालत में छोड़ दिया था।
बच्चा बेचकर चुकाया घर का किराया
पुलिस सूत्रों की मानें तो यह बच्चा पुलिस को लावारिस हालत में मिल गया था।
चार महीने पहले उसने अजमेरी गेट हॉल से ढाई साल का बच्चा चोरी किया।
यह बच्चा उसने निर्मला उर्फ निम्मी को दिया जो बच्चा गोद देने के लिए फर्जी दस्तावेज तैयार करती थी।
बच्चे का माता-पिता बताकर उन्होंने उसे एक दंपति को गोद दे दिया। इसके लिए उन्हें 1.20 लाख रुपये मिले।
इसमें से 40 हजार रुपये से उसने चार महीने का घर का किराया भरा और राशन लेकर आई।
दिल्ली स्टेशन से चुराई थी ढाई माह की बच्ची
वहीं, 80 हजार रुपये से सूरज ने बाइक खरीद ली थी। 20 जनवरी को उसने देवर के साथ नई दिल्ली स्टेशन से ढाई माह की बच्ची चुराई।
इस बच्ची के लिए प्रिया ने उसे 30 हजार रुपये दिए थे। इसमें से 20 हजार रुपये उसने चार महीने का किराया भर दिया, जबकि 10 हजार रुपये से राशन ले आई थी।
आरती ने पुलिस को बताया कि वह अपनी गोद और गर्भ में पल रहे बच्चे को भी बेचना चाहती थी। उसका दूसरा बेटा 15 माह का है।
घर घरीदना चाहती थी
वह उसे बेचने के लिए ग्राहक तलाश रही थी। वह चाहती थी कि अगर बच्चा दो से ढाई लाख रुपये में बिक जाए तो वह फरीदाबाद में छोटा सा घर खरीद लेगी।
इसके अलावा वह गर्भ में पल रहे बच्चे को भी बेचना चाहती थी ताकि उसके जीवन स्तर में कुछ सुधार आ सके।
पुलिस फिलहाल उसके द्वारा दी गई जानकारियों को सत्यापित करने का प्रयास कर रही है।
पुलिस जांच में जुटी
पुलिस को इस मामले की छानबीन के दौरान पता चला है कि बच्चा गोद लेने वाले अधिकांश लोगों को इस बात की पता ही नहीं था कि यह बच्चा चोरी का है।
आरती और सूरज बच्चे के माता-पिता बनकर उसे बेच देते थे।
बच्चा लेने वालों ने पुलिस को बताया कि उन्होंने कई बार बच्चा गोद लेने का प्रयास किया,
लेकिन इसकी प्रक्रिया काफी जटिल होने के चलते उन्हें परेशानी हो रही थी।
ऐसे में कुछ रुपये खर्च कर उन्हें यह बच्चे आसानी से गोद मिल गए।
