आधार कार्ड आपका असली है या नकली? एसटीएफ के CSC सेंटर छापे में ऐसे खुले राज

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आधार कार्ड आपका असली है या नकली? एसटीएफ के CSC सेंटर छापे में ऐसे खुले राज

csc: फर्जी दस्तावेज बनाकर आधार कार्ड तैयार करवाने और पुराने कार्ड अपडेट करने वाले सेंटर का

एसटीएफ और सेलाकुई पुलिस की संयुक्त टीम ने भंडाफोड़ कर दिया।

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सेलाकुई के जमनपुर रोड में मलिक कॉमन सर्विस सेंटर (csc) में हुई छापेमारी में यह भी खुलासा हुआ कि

आरोपी फर्जी जन्म प्रमाण-पत्र तक बना रहे थे। इस मामले में संचालक समेत दो आरोपी गिरफ्तार किए गए।

एसटीएफ का दावा है कि इस तरह के सेंटर देशभर में चलने की जानकारी मिली है, जिनका पता लगाया जा रहा है।

एसटीएफ एसएसपी आयुष अग्रवाल ने बुधवार को प्रेसवार्ता में इसका खुलासा किया।

उन्होंने बताया कि मंगलवार देर शाम सेलाकुई स्थित सीएससी में छापा मारा गया।

इदरीश खान पुत्र मुबारक खान निवासी छतेनी तिलहर शाहजहांपुर यूपी हाल निवासी-सेलाकुई और रोहिल मलिक

पुत्र इरशाद निवासी जमनीपुर सेलाकुई को मौके से पकड़ा गया। दोनों आरोपी फर्जी दस्तावेज बनाकर

आधार कार्ड तैयार करवाते थे और पुराने कार्ड में जानकारी अपडेट भी करते थे।

एसटीएफ के अनुसार, आरोपियों ने आधार कार्ड में जन्म तिथियों में सबसे ज्यादा खेल किया।

इन दस्तावेजों के सत्यापन के लिए राजपत्रित अधिकारी की जरूरत होती तो, खुद एयरटेल पेमेंट बैंक की मुहर लगाकर

अफसर के नाम से हस्ताक्षर कर देते थे। इस सेंटर से विभिन्न राज्यों के सरकारी अस्पतालों की मुहर,

लोगों के जाली जन्म प्रमाण पत्र और 26 लोगों के आधार कार्ड भी बरामद किए गए।

एसएसपी एसटीएफ आयुष अग्रवाल ने बताया कि आरोपी बिहार और झारखंड के लोगों के संपर्क में थे।

इनकी बताई साइट से ऑनलाइन फर्जी जन्म प्रमाण पत्र तैयार करते थे।

जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र पोर्टल पर मिला लॉग-इन: आरोपी ने जन्म एवं मृत्यु प्रमाण पत्र बनाने की

केंद्रीय साइट https://www.crsorgi.gov.in/web/index.php/auth/login के साथ

कुछ निजी साइट पर लॉग-इन बनाया हुआ था। इनके जरिए वे जाली दस्तावेज तैयार करते।

वे व्हाट्सऐप ग्रुप से जुड़े थे। जैसा दस्तावेज चाहिए होता, उसकी जानकारी ग्रुप में डाली जाती और वहां से उन्हें साइट

बता दी जाती। निजी साइटें बिहार-झारखंड में बनी। एसटीएफ इनकी जानकारी जुटा रही।

एसटीएफ ने कई दस्तावेज भी जब्त किए

आधार कार्ड पंजीकरण फार्म। तीन अलग-अलग नामों से भरे गए आधार पंजीकरण फार्म,

जिनमें सलमान खान निवासी खुशालपुर सहसपुर, सलमा प्रवीन और नंदलाल दोनों निवासी जमनपुर सेलाकुई अंकित

थे। सबिहा बानू का नगर पालिका परिषद सीतापुर, गीता देवी का महिला चिकित्सालय पीलीभीत,

मगन लाल का जिला महिला अस्पताल लखीमपुर खीरी, फिजा का नगर निगम ऋषिकेश,

आर्यन का जिला कंबाइंड चिकित्सालय शाहजहांपुर और गुलनाज का नगर निगम लखनऊ क्षेत्र-छह का

जन्म प्रमाण-पत्र मिला। 26 लोगों के आधार कार्ड, दो लोगों के पैन कार्ड और एक वोटर आईडी भी मिली।

बाल मजदूरों को भी बना दिया बालिग

सेलाकुई क्षेत्र में काफी संख्या में बाहरी लोग रहते हैं। कई लोग अपने 15 से 17 साल की उम्र के बीच के

बच्चों से काम कराना चाहते हैं। यहां सक्रिय ठेकेदार 18 साल के कम उम्र के बच्चों को काम पर नहीं रखते।

लिहाजा, ऐसे लोगों से 500 से पांच हजार तक लेकर आरोपी आधार कार्ड में

जन्मतिथि बदलने के साथ फर्जी जन्म प्रमाण पत्र भी निकालकर देते थे।

ठेकेदारों से था संपर्क, पांच-पांच हजार लेते थे

आरोपी स्थानीय लेबर ठेकेदारों के संपर्क में भी थे। उनके लिए किशोरों के बालिग होने के आधार कार्ड बनाए गए।

इसके लिए पांच हजार रुपये तक लिए गए। इसके लिए उन्होंने पहले फर्जी तरीके से जन्म प्रमाण पत्र निकाले,

फिर इसे आधार की वेबसाइट पर डालकर जानकारी बदली। ऐसा ही वह नाम और पता बदलने के लिए भी कर रहे थे।

 

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Ajay Sharmahttps://computersjagat.com
Indian Journalist. Resident of Kushinagar district (UP). Editor in Chief of Computer Jagat daily and fortnightly newspaper. Contact via mail computerjagat.news@gmail.com

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