Rahaveer Yojana: यूपी में लागू हुई ‘राहवीर योजना’, सड़क हादसे में घायलों की मदद करने वालों को मिलेंगे 25,000 रुपये

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Rahaveer Yojana: यूपी में लागू हुई ‘राहवीर योजना’, सड़क हादसे में घायलों की मदद करने वालों को मिलेंगे 25,000 रुपये

Rahaveer Yojana: उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने सड़क दुर्घटनाओं में घायलों की जान बचाने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है।

केंद्र सरकार की ‘राहवीर योजना’ को अब पूरे उत्तर प्रदेश में लागू कर दिया गया है।

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इस योजना के तहत, यदि कोई व्यक्ति सड़क हादसे में घायल व्यक्ति को ‘गोल्डन ऑवर‘ यानी दुर्घटना के एक घंटे के भीतर अस्पताल या ट्रॉमा सेंटर पहुंचाता है, तो उसे सरकार की ओर से 25,000 रुपये तक की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।

योजना का उद्देश्य: ‘राहवीर योजना’ का मुख्य मकसद लोगों को सड़क दुर्घटनाओं में घायलों की मदद के लिए प्रोत्साहित करना है।

अक्सर लोग कानूनी पचड़ों या पूछताछ के डर से घायलों को अस्पताल पहुंचाने से हिचकते हैं, जिसके चलते कई बार समय पर इलाज न मिलने से घायलों की जान चली जाती है।

इस योजना के जरिए सरकार इस मानसिकता को बदलना चाहती है और लोगों को मानवीय कर्तव्यों के प्रति जागरूक करना चाहती है।

कैसे काम करेगी योजना:यदि कोई व्यक्ति सड़क हादसे में घायल व्यक्ति को गोल्डन ऑवर के भीतर अस्पताल पहुंचाता है, तो अस्पताल पुलिस को इसकी सूचना देगा।

पुलिस इसकी रिपोर्ट जिला कलेक्टर को भेजेगी, और परिवहन विभाग द्वारा 25,000 रुपये की राशि सीधे मददगार के बैंक खाते में ट्रांसफर की जाएगी।

यदि एक व्यक्ति एक साथ कई घायलों को अस्पताल पहुंचाता है, तो उसे प्रति घायल 25,000 रुपये के हिसाब से पुरस्कार राशि दी जाएगी।

उदाहरण के तौर पर, चार घायलों की मदद करने पर उसे 1 लाख रुपये तक मिल सकते हैं।योजना यह भी सुनिश्चित करती है कि मदद करने वाले व्यक्ति को किसी कानूनी कार्रवाई या पूछताछ का सामना न करना पड़े।

क्यों जरूरी है यह योजना: उत्तर प्रदेश में हर साल हजारों लोग सड़क हादसों में अपनी जान गंवाते हैं।

परिवहन विभाग के आंकड़ों के अनुसार, 1 जनवरी 2025 से 20 मई 2025 तक 4,352 सड़क दुर्घटनाओं में 2,238 लोगों की मौत हुई।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि घायलों को गोल्डन ऑवर में इलाज मिल जाए, तो उनकी जान बचने की संभावना कई गुना बढ़ जाती है।

पहले से बेहतर प्रोत्साहन: पहले ‘गुड सेमेरिटन’ योजना के तहत घायलों की मदद करने वालों को 5,000 रुपये दिए जाते थे, लेकिन अब इस राशि को बढ़ाकर 25,000 रुपये कर दिया गया है।

साथ ही, मदद करने वालों को प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित भी किया जाएगा।प्रदेश में लागू: यह योजना लखनऊ सहित उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिलों में लागू की गई है।

सरकार का मानना है कि इससे न केवल सड़क हादसों में घायलों को समय पर इलाज मिलेगा, बल्कि लोगों में मानवीय संवेदनाओं को बढ़ावा भी मिलेगा।

गोल्डन ऑवर स्कीम

अन्य पहल: योगी सरकार ने सड़क हादसों में घायलों की मदद के लिए पहले भी ‘गोल्डन ऑवर स्कीम’ शुरू की थी, जिसमें हादसे के पहले घंटे में घायलों को 1.5 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज उपलब्ध कराया जाता है।

इसके अलावा, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने हादसों की सूचना के लिए 1033 हेल्पलाइन नंबर भी शुरू किया है।

लोगों से अपील

सरकार ने लोगों से अपील की है कि वे सड़क हादसों में घायलों की तुरंत मदद करें और 1033 हेल्पलाइन नंबर पर सूचना दें।

इस तरह की पहल से न केवल जानें बचेंगी, बल्कि समाज में मानवता और एकजुटता को भी बढ़ावा मिलेगा।

 

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Ajay Sharmahttps://computersjagat.com
Indian Journalist. Resident of Kushinagar district (UP). Editor in Chief of Computer Jagat daily and fortnightly newspaper. Contact via mail computerjagat.news@gmail.com

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