Green Manure: कृषि मंत्री ने किसानों के साथ की धान की रोपाई
Green Manure: कृषि मंत्री ने में किसानों के साथ धान की रोपाई की। इस दौरान परंपरागत और आधुनिक खेती तकनीक का प्रेरक संगम देखने को मिला।
ढैंचा प्रयोग से बढ़ी खेत की उर्वरता
रोपाई से पहले खेत में ढैंचा की फसल लगाकर उसे मिट्टी में मिला दिया गया। इससे मिट्टी अधिक भुरभुरी, उपजाऊ और पोषक तत्वों से भरपूर बनी।
कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, ढैंचा एक प्रभावी हरित खाद (Green Manure) है, जो भूमि की गुणवत्ता सुधारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
परंपरागत खेती पद्धतियों पर जोर
कार्यक्रम में गोबर की खाद और परंपरागत कृषि पद्धतियों के महत्व पर भी चर्चा हुई।
पहले इनका व्यापक उपयोग होता था, लेकिन समय के साथ इनका उपयोग कम हो गया है।
जैविक खेती को बढ़ावा
कृषि मंत्री ने किसानों को जैविक खेती, संतुलित उर्वरक उपयोग और हरित खाद अपनाने के लिए प्रेरित किया।
उन्होंने कहा कि इससे मिट्टी की उर्वरता बनी रहेगी और उत्पादन क्षमता भी बढ़ेगी।
खेत बचाओ अभियान की दिशा में कदम
यह पहल “खेत बचाओ अभियान” के उद्देश्य को आगे बढ़ाने वाली मानी जा रही है।
इसका लक्ष्य टिकाऊ खेती को बढ़ावा देना और आने वाली पीढ़ियों के लिए भूमि को सुरक्षित रखना है।
निष्कर्ष
यह कार्यक्रम किसानों के लिए प्राकृतिक खेती और जैविक उपायों को अपनाने का एक प्रेरणादायक संदेश साबित हुआ।
