Vehicle insurance:प्राकृतिक आपदा में वाहनों के नुकसान की भरपाई करती हैं इंश्योरेंस कंपनियां,जानें कौन सी लें पॉलिसी
Vehicle insurance: कब क्या हो जाए इसका कुछ कहा नहीं जा सकता है.
पिछले महीने बेंगलुरु में आई बाढ़ इसका जीता जागता उदाहरण है.
जहां कई लोगों की जान चली गई और कई वाहन पानी में बह गये.
ऐसे में आप के मन में सवाल उठ रहा होगा कि वाहनों के बाढ़ में
बहने पर इंश्योरेंस का फायदा मिलेगा? इसका जवाब है हां जरूर मिलेगा.
पहले जहां प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान की भरपाई करने के नाम से
इंश्योरेंस कंपनियां हाथ खड़े कर लेती थीं, लेकिन अब ऐसा नहीं है.
IRDA के नए नियम आने के बाद कंपनियों को नुकसान की भरपाई करनी ही पड़ती है.
आइए जानते हैं कि वाहन का कौन सा बीमा (Vehicle insurance) कराने पर आप को
प्राकृतिक आपदाओं जैसे कि बाढ़, भूकंप और भूस्खलन से होने वाले नुकसान का क्लेम मिल सकता है.
दो तरह के होते हैं इंश्योरेंस
भारतीय बाजार में वाहन के लिए दो तरह के इंश्योरेंस उपलब्ध हैं.
इनमें पहला कंप्रिहेंसिव इंश्योरेंस और दूसरा थर्ड-पार्टी इंश्योरेंस पॉलिसी है. दोनों ही इंश्योरेंस की अपनी अलग-अलग खासियत है.
प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान से भरपाई के लिए कंप्रिहेंसिव इंश्योरेंस पॉलिसी लेनी चाहिए.
इसमें थर्ड-पार्टी इंश्योरेंस की तुलना में अधिक कवरेज मिलता है.
जैसे- चोरी, डकैती, आग से होने वाली क्षति, मानव निर्मित और प्राकृतिक आपदाओं का कवर मिलता है.
खुद की गलती पर भी मिलेगा कवर
कंप्रिहेंसिव इंश्योरेंस के तहत ग्राहक को वाहन चोरी या फिर अन्य आपदाओं का कवर मिलने के अलावा खुद की गलती
की भी भरपाई मिल सकती है. इसका मतलब ये हुआ कि अगर आप से वाहन को नुकसान होता है
तो इस पॉलिसी में भी आपको कवर मिलता है. इस इंश्योरेंस के तहत
किसी जानवर से होने वाले हानि का भी कंपनी की ओर से मुआवजा दिया जाता है.
