लखनऊ–कानपुर रैपिड रेल कॉरिडोर और बाहरी रिंग रोड की योजना: मुख्यमंत्री
Chief Minister: उत्तर प्रदेश — योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को कहा कि राज्य में विकास को तेज़ गति देने के लिए लखनऊ और कानपुर के बीच उन्नाव के माध्यम से रैपिड रेल कॉरिडोर की योजना तैयार की जा रही है। इसके साथ ही राज्य राजधानी क्षेत्र (SCR) को जोड़ने के लिए एक बाहरी रिंग रोड का प्रस्ताव भी तैयार किया गया है।
उन्नाव में 570 करोड़ रुपये से अधिक की 101 विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करने के बाद जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्नाव को अब राज्य राजधानी क्षेत्र में शामिल किया गया है, जिससे राजधानी का विकास केवल हजरतगंज तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसका विस्तार आसपास के जिलों तक होगा।
रैपिड रेल और रिंग रोड से बड़े बदलाव की योजना
मुख्यमंत्री ने बताया कि दिल्ली–मेरठ रैपिड रेल परियोजना की तर्ज पर लखनऊ से उन्नाव होते हुए कानपुर तक रैपिड रेल सेवा का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। इससे क्षेत्रीय कनेक्टिविटी मजबूत होगी और यात्रा समय में उल्लेखनीय कमी आएगी।
उन्होंने यह भी कहा कि प्रस्तावित बाहरी रिंग रोड लखनऊ, उन्नाव, सीतापुर, हरदोई, बाराबंकी और रायबरेली को जोड़ेगी, जिससे एक बड़ा विकास क्लस्टर तैयार होगा और सभी क्षेत्रों को समान रूप से लाभ मिलेगा।
औद्योगिक विकास और रोजगार के अवसर
मुख्यमंत्री ने बताया कि उन्नाव में लगभग 700 एकड़ भूमि पर डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग कॉरिडोर और औद्योगिक क्लस्टर विकसित किया जा रहा है। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार अगले 100 वर्षों को ध्यान में रखते हुए विश्वस्तरीय बुनियादी ढांचे के साथ दीर्घकालिक विकास योजना पर काम कर रही है।
एक्सप्रेसवे और हवाई कनेक्टिविटी का विस्तार
मुख्यमंत्री ने गंगा एक्सप्रेसवे का उल्लेख करते हुए कहा कि यह परियोजना क्षेत्रीय कनेक्टिविटी का आधुनिक उदाहरण है। साथ ही उन्होंने नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का भी जिक्र किया और कहा कि उत्तर प्रदेश अब एक्सप्रेसवे और एयरपोर्ट के क्षेत्र में तेजी से अग्रणी राज्य बन रहा है।
सांस्कृतिक विरासत का उल्लेख
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने उन्नाव को साहित्यकार पंडित सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’, स्वतंत्रता सेनानी वीर गुलाब सिंह लोधी सहित कई ऐतिहासिक विभूतियों की धरती बताते हुए जिले की सांस्कृतिक विरासत का भी उल्लेख किया।
उन्होंने कहा कि विकास का लाभ उन्हीं सरकारों के कारण संभव हो रहा है जो प्रगति के दृष्टिकोण के साथ काम करती हैं। साथ ही उन्होंने आश्वासन दिया कि उन्नाव में सभी विकास कार्य बिना किसी रुकावट के जारी रहेंगे और धन की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी।
