Mahayagya: चउरा बाबा देव स्थान पर 12 से 20 फरवरी तक नौ दिवसीय हनुमत महायज्ञ
कथा, रामलीला और विशाल भंडारे से गूंजेगा क्षेत्र
Mahayagya: कुशीनगर जिले के नेबुआ नौरंगिया क्षेत्र के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल चउरा बाबा देव स्थान, चितहा में इस वर्ष भी श्रद्धा, भक्ति और आस्था का भव्य संगम देखने को मिलेगा। यहां 12 फरवरी से 20 फरवरी तक नौ दिवसीय हनुमत महायज्ञ का आयोजन किया जा रहा है, जिसे लेकर पूरे क्षेत्र में भक्तिमय माहौल बन गया है। दूर-दराज के गांवों से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है।
यज्ञ स्थल को आकर्षक ढंग से सजाया जा रहा
आयोजन समिति द्वारा महायज्ञ को दिव्य और ऐतिहासिक स्वरूप देने की व्यापक तैयारियां की जा रही हैं। यज्ञ स्थल को आकर्षक ढंग से सजाया जा रहा है, वहीं श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पेयजल, प्रकाश, सुरक्षा और ठहरने की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है।
महायज्ञ के दौरान प्रतिदिन दोपहर 1 बजे से सायं 4 बजे तक अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त कथा वाचिका पूज्या पंडिता गौरी गौरांगी श्रद्धालुओं को हनुमत कथा का रसपान कराएंगी। कथा के माध्यम से भगवान श्रीराम के परम भक्त हनुमान के जीवन, भक्ति, पराक्रम और आदर्शों का भावपूर्ण वर्णन किया जाएगा।
रात्रिकालीन सत्र में मथुरा की सुप्रसिद्ध रामस्वरूप दास रामलीला मंडली द्वारा भव्य रामलीला मंचन प्रस्तुत किया जाएगा। वृंदावन-मथुरा की पारंपरिक शैली में होने वाली यह रामलीला सजीव अभिनय, आकर्षक झांकियों और भक्तिमय संवादों के माध्यम से श्रद्धालुओं को भावविभोर करेगी।
हनुमत महायज्ञ कमेटी के अध्यक्ष शम्भू शरण मिश्र ने बताया कि महायज्ञ का शुभारंभ 12 फरवरी को भव्य कलश यात्रा के साथ होगा। कलश यात्रा चितहा से पनियहवा स्थित पावन नारायणी नदी तक निकाली जाएगी, जिसमें सैकड़ों महिलाएं सिर पर कलश धारण कर मंगल गीतों के साथ सहभागिता करेंगी। वैदिक मंत्रोच्चार, ढोल-नगाड़ों और जयकारों से क्षेत्र गूंज उठेगा।
प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु प्रसाद ग्रहण करेंगे
उन्होंने बताया कि यज्ञ अवधि के दौरान श्रद्धालुओं के लिए 9 दिनों तक 24 घंटे विशाल भंडारे की व्यवस्था की गई है, जिसमें प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु प्रसाद ग्रहण करेंगे। बाहर से आने वाले संत-महात्माओं एवं भक्तों के ठहराव की भी समुचित व्यवस्था की जा रही है।
आयोजन समिति के सदस्यों ने क्षेत्रीय जनता से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर धर्मलाभ लेने और आयोजन को सफल बनाने की अपील की है। समिति के पदाधिकारी और कार्यकर्ता आयोजन को ऐतिहासिक बनाने के लिए दिन-रात जुटे हुए हैं।
इस नौ दिवसीय हनुमत महायज्ञ, कथा एवं रामलीला आयोजन से पूरे क्षेत्र में भक्ति, संस्कृति और सनातन परंपरा की अलौकिक छटा बिखरने की उम्मीद है।
