Transfer:यूपी पुलिस में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल,20 आईपीएस अधिकारियों के तबादले
Transfer: उत्तर प्रदेश पुलिस महकमे में प्रशासनिक स्तर पर बड़ा फेरबदल किया गया है। योगी आदित्यनाथ सरकार ने अपर पुलिस महानिदेशक (ADG), पुलिस महानिरीक्षक (IG) और उप महानिरीक्षक (DIG) स्तर के 20 आईपीएस अधिकारियों के तबादले किए हैं। यह बदलाव पुलिस प्रशासन को और अधिक प्रभावी व सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से किए गए हैं।
तबादलों में 2008 से 2012 बैच तक के वरिष्ठ अधिकारियों को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। पुलिस कमिश्नरेट, रेलवे, सीआईडी, प्रशिक्षण, तकनीकी सेवाएं, यूपी-112, विशेष शाखा और मानवाधिकार जैसी अहम इकाइयों में नई तैनातियां की गई हैं।
इस फेरबदल में डॉ. संजीव गुप्ता को एडीजी मुख्यालय, लखनऊ की जिम्मेदारी दी गई है, जबकि किरण एस. को पुलिस महानिरीक्षक, लखनऊ परिक्षेत्र नियुक्त किया गया है। इसके अलावा कई अधिकारियों की आपसी अदला-बदली भी की गई है।
किसे कहां मिली नई तैनाती
- राम कुमार (आईपीएस 1995) – एडीजी मानवाधिकार से एडीजी लॉजिस्टिक्स, लखनऊ
- राजकुमार (आईपीएस 1995) – एडीजी लॉजिस्टिक्स से एडीजी मानवाधिकार, लखनऊ
- ज्योति नारायण (आईपीएस 1996) – एडीजी पीएसी, कानपुर से एडीजी प्रयागराज जोन
- डॉ. संजीव गुप्ता (आईपीएस 1999) – एडीजी प्रयागराज जोन से एडीजी मुख्यालय, लखनऊ
- प्रशांत कुमार (आईपीएस 2000) – एडीजी प्रशासन, पुलिस मुख्यालय, लखनऊ
- तरुण गाबा (आईपीएस 2001) – एडीजी/आईजी सुरक्षा, उत्तर प्रदेश
- आशुतोष कुमार (आईपीएस 2001) – एडीजी यूपी पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड, लखनऊ
- अपर्णा कुमार (आईपीएस 2002) – संयुक्त पुलिस आयुक्त, पुलिस कमिश्नरेट लखनऊ
- मोदक राजेश डी. राव (आईपीएस 2003) – पुलिस महानिरीक्षक, स्थापना, उत्तर प्रदेश
- आर.के. भारद्वाज (आईपीएस 2005) – पुलिस महानिरीक्षक, रेलवे, लखनऊ
- किरण एस. (आईपीएस 2008) – पुलिस महानिरीक्षक, लखनऊ परिक्षेत्र
- आनंद सुरेशराव कुलकर्णी (आईपीएस 2008) – पुलिस महानिरीक्षक, भ्र0लि0सं0, उत्तर प्रदेश
- अमित वर्मा (आईपीएस 2008) – पुलिस महानिरीक्षक, ईओडब्ल्यू, लखनऊ
- डॉ. अखिलेश कुमार (आईपीएस एसपीएस-2008) – पुलिस महानिरीक्षक, सीआईडी, उत्तर प्रदेश
- ए. कोनांची (आईपीएस 2008) – पुलिस महानिरीक्षक, रेलवे, प्रयागराज
- राजीव मल्होत्रा (आईपीएस एसपीएस-2008) – पुलिस महानिरीक्षक, यूपीएसआईएफएस, लखनऊ
सरकार के इस फैसले को कानून-व्यवस्था को और मजबूत करने तथा प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
