Mayor: अनधिकृत लोगों पर मेयर का कड़ा रुख, कहा—अपने देश लौट जाएँ
Mayor: राजधानी लखनऊ में अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी और रोहिंग्या मूल के लोगों की मौजूदगी को लेकर नगर निगम सतर्क मोड में आ गया है। मंगलवार को महापौर सुषमा खर्कवाल खुद जोन-4 के गोमतीनगर क्षेत्र में पहुंचीं और लखनऊ स्वच्छता अभियान कंपनी के कर्मचारियों के दस्तावेजों की जांच की।
महापौर ने साफ चेतावनी दी कि जो हिंदुस्तान के नहीं हैं वे तत्काल लखनऊ छोड़कर अपने देश लौट जाएँ, वरना नगर निगम पुलिस प्रशासन के साथ मिलकर कठोर कार्रवाई करेगा।
3500 में 90% कर्मचारी खुद को बताते असम का, महापौर सतर्क
महापौर सुषमा खर्कवाल ने बताया कि स्वच्छता अभियान कंपनी में कुल 3500 सफाईकर्मी कार्यरत हैं। इनमें करीब 90 प्रतिशत कर्मचारी खुद को असम का निवासी बताते हैं, जिस पर संदेह की स्थिति बनने पर उन्होंने सभी के दस्तावेजों की व्यापक जांच कराने का आदेश दिया है।
उन्होंने कहा कि असम के नाम पर नकली पहचान पत्रों का इस्तेमाल कर बांग्लादेशी घुसपैठिए देश के अंदर काम पाने की कोशिश करते हैं, इसलिए हर कर्मचारी की वैधता सुनिश्चित की जाएगी।
जॉन-4 क्षेत्र में दस्तावेजों की मौके पर जांच
महापौर मंगलवार सुबह गोमतीनगर स्थित जोन-4 क्षेत्र में पहुंचीं। यहां उन्होंने बड़े पैमाने पर कर्मचारियों के एनआरसी, पहचान पत्र, आधार कार्ड और अन्य प्रमाणपत्र देखे।उन्होंने खुद कर्मचारियों से पूछताछ की और दस्तावेजों की बारीकी से सत्यापन कराया।
महापौर ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिया कि इस कार्य में एक इंच भी ढिलाई न बरती जाए। उन्होंने कहा कि लखनऊ में केवल वैध दस्तावेजों वाले लोग ही काम कर पाएँगे।
हिंदुस्तान के हैं तो घर मिलेगा, नहीं हैं तो शहर छोड़ना होगा
निरीक्षण के दौरान महापौर ने दो टूक कहा कि यदि कर्मचारी लखनऊ, उत्तर प्रदेश या देश के किसी भी कोने का वैध नागरिक है, तो मैं उसे प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ भी दिलाऊँगी।
लेकिन यदि वह बांग्लादेश या किसी अन्य देश का है, तो उसे तुरंत शहर छोड़ना होगा। अन्यथा प्रशासन कार्रवाई करेगा। उन्होंने कार्यदायी संस्था और अधिकारियों से कहा कि प्रदेश सरकार व पुलिस प्रशासन से समन्वय कर सभी की पूरी सूची जल्द उपलब्ध कराई जाए।
सूची बन रही, अवैध पाए गए तो होगी कार्रवाई
नगर निगम ने सभी जोनों में कर्मचारियों के सत्यापन का अभियान तेज कर दिया है। महापौर ने कहा कि शहर की सुरक्षा और स्वच्छता के लिए यह जरूरी है कि किसी भी स्तर पर अवैध नागरिक न हो।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कोई भी कर्मचारी फर्जी दस्तावेजों के साथ पकड़ा गया, तो न केवल कंपनी पर कार्रवाई होगी बल्कि संबंधित व्यक्ति को तत्काल शहर से बाहर किया जाएगा।
