Paniyahwa Pul: गंडक नदी पर नया पुल, यूपी-बिहार के विकास को मिलेगी नई दिशा

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Paniyahwa Pul: गंडक नदी पर नया पुल, यूपी-बिहार के विकास को मिलेगी नई दिशा

Paniyahwa Pul: पूर्वोत्तर रेलवे प्रशासन ने पनियहवा–वाल्मीकिनगर रेल खंड के बीच नारायणी (गंडक) नदी पर एक नए और विशाल रेल पुल के निर्माण को मंजूरी दे दी है। यह पुल केवल ट्रेनों के आवागमन के लिए होगा और गोरखपुर–वाल्मीकिनगर रेल दोहरीकरण परियोजना का अहम हिस्सा है।

रेलवे के निर्माण संगठन ने इस परियोजना के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी है, और निविदा पूरी होते ही पुल निर्माण का कार्य प्रारंभ कर दिया जाएगा। इस पुल के बनने से उत्तर प्रदेश और बिहार के बीच रेल संपर्क और अधिक सशक्त हो जाएगा।

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  •  854 मीटर लंबा होगा नया रेल पुल

गंडक नदी पर बनने वाला यह नया पुल पुल संख्या–50 के रूप में दर्ज होगा, जिसकी लंबाई 854 मीटर होगी। इसके निर्माण से ट्रेन संचालन में सुगमता आएगी और रूट की लाइन क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।

पूर्वोत्तर रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी पंकज कुमार सिंह ने बताया कि यह पुल क्षेत्रीय परिवहन व्यवस्था में क्रांतिकारी बदलाव लाएगा। दोहरीकरण परियोजना पूरी होने के बाद इस मार्ग पर ट्रेनों की संख्या और गति दोनों में वृद्धि होगी।

  •  पांच चरणों में चल रही है दोहरीकरण परियोजना

गोरखपुर कैंट से वाल्मीकिनगर तक रेल दोहरीकरण कार्य पांच चरणों में चल रहा है —

  1.  गोरखपुर कैंट–पिपराइच (16.09 किमी)
  2.  पिपराइच–कप्तानगंज (19.72 किमी)
  3.  कप्तानगंज–सिसवा बाजार (26.16 किमी)
  4.  सिसवा बाजार–पनियहवा (20.87 किमी)
  5. पनियहवा–वाल्मीकिनगर (13.10 किमी)

इन चरणों में नई रेल लाइन बिछाने, पुल निर्माण और स्टेशन भवनों के आधुनिकीकरण का कार्य तेजी से जारी है।

  •  क्षेत्रीय विकास को मिलेगी नई उड़ान

स्थानीय लोगों — दिनेश गुप्ता , चेयरमैन , दिपलाल निषाद, कर्मवीर साहनी — ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि इस पुल के बनने से क्षेत्रीय विकास को नई रफ्तार मिलेगी।

परियोजना पूरी होने के बाद दिल्ली, मुंबई, हरियाणा, अमृतसर, मुरादाबाद जैसे बड़े शहरों से गोरखपुर होते हुए बिहार तक नई ट्रेनों का संचालन संभव होगा। साथ ही, मालगाड़ियों के आवागमन में सुगमता आने से व्यापार और औद्योगिक गतिविधियों को भी बल मिलेगा।

  • पर्यटन और अर्थव्यवस्था को मिलेगा बढ़ावा

यह दोहरीकरण परियोजना और नया गंडक पुल, पूर्वी उत्तर प्रदेश और बिहार के सीमावर्ती क्षेत्रों के लिए परिवहन, पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था में वरदान साबित होंगे। इससे न सिर्फ यात्रियों को सुविधा मिलेगी बल्कि स्थानीय उद्योग और व्यापार को भी नई दिशा मिलेगी।

 

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Ajay Sharmahttps://computersjagat.com
Indian Journalist. Resident of Kushinagar district (UP). Editor in Chief of Computer Jagat daily and fortnightly newspaper. Contact via mail computerjagat.news@gmail.com

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