Dhanteras: इस बार धनतेरस पर बनेगा दुर्लभ संयोग,मिलेगा सुख-समृद्धि का आशीर्वाद
Dhanteras: इस वर्ष धनतेरस का पर्व श्रद्धालुओं के लिए विशेष शुभता लेकर आ रहा है। 18 अक्टूबर को धनतेरस न केवल भगवान गणेश, माता लक्ष्मी और भगवान धन्वंतरि की पूजा का पावन अवसर होगा, बल्कि इस दिन शनि प्रदोष का योग भी बन रहा है। यह अद्भुत संयोग श्रद्धालुओं के लिए धन, आरोग्य और संतति कल्याण का मार्ग प्रशस्त करेगा।
भगवान धन्वंतरि की उपासना स्वास्थ्य लाभ
Dhanteras पर भगवान गणेश, मां लक्ष्मी और कुबेर की पूजा से धन-संपदा, ऐश्वर्य और सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है, जबकि भगवान धन्वंतरि की उपासना स्वास्थ्य लाभ के लिए की जाती है। इस वर्ष शनि प्रदोष का संयोग होने के कारण श्रद्धालुओं को भगवान शिव की आराधना का भी विशेष अवसर मिलेगा। प्रदोष काल में भगवान शिव का पूजन संतान से जुड़ी सभी बाधाओं को दूर करने में सहायक माना गया है।
धनतेरस 18 अक्टूबर को
काशी हिंदू विश्वविद्यालय के ज्योतिष विभाग के पूर्व अध्यक्ष और श्रीकाशी विद्वत परिषद के संगठन मंत्री प्रो. विनय कुमार पांडेय के अनुसार, इस बार कार्तिक कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी शनिवार 18 अक्टूबर को पड़ रही है, जिससे धनतेरस पर शनि प्रदोष का दुर्लभ योग बन रहा है। शास्त्रों में मान्यता है कि शनिवार की त्रयोदशी को शनि प्रदोष व्रत रहकर भगवान शिव की पूजा से नि:संतान को संतान प्राप्ति और संतानवानों के बच्चों के कल्याण का मार्ग खुलता है।
धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस दिन श्रद्धालु को विधि-विधान से भगवान गणेश, मां लक्ष्मी, भगवान कुबेर और भगवान धन्वंतरि के साथ-साथ भगवान शिव और हनुमान जी की भी पूजा करनी चाहिए। ऐसा करने से न केवल धन और स्वास्थ्य की प्राप्ति होती है, बल्कि पारिवारिक सुख-समृद्धि और संतति कल्याण का भी वरदान मिलता है।
इस प्रकार इस वर्ष Dhanteras का पर्व श्रद्धालुओं के लिए आर्थिक, शारीरिक और पारिवारिक तीनों ही दृष्टियों से अत्यंत शुभ माना जा रहा है।
