Program: नेचुरलिस्ट ट्रेनिंग कार्यक्रम का भव्य शुभारंभ
Program: उत्तराखंड पर्यटन विभाग और पर्यटन एवं हॉस्पिटैलिटी स्किल काउंसिल (THSC) के संयुक्त तत्वावधान में आज देहरादून के मंथन हॉल, वन मुख्यालय में नेचुरलिस्ट ट्रेनिंग कार्यक्रम का शानदार शुभारंभ हुआ। यह 15 दिवसीय उन्नत स्तर (Advanced Level) प्रशिक्षण कार्यक्रम राज्य के युवाProgramओं, गाइड्स और प्रकृति प्रेमियों के लिए आयोजित किया जा रहा है, जो पारिस्थितिकी, जैव विविधता संरक्षण और सतत पर्यटन के क्षेत्र में योगदान देना चाहते हैं।

पर्यटन सचिव का संदेश
कार्यक्रम में पर्यटन सचिव श्री धीराज सिंह गर्ब्याल ने बताया कि उत्तराखंड पर्यटन विभाग आज से चार प्रमुख प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू कर रहा है, जिनमें नेचुरलिस्ट ट्रेनिंग, टूर गाइड ट्रेनिंग, स्ट्रीट फूड उद्यमी प्रशिक्षण और एस्ट्रो टूर गाइड प्रशिक्षण शामिल हैं। इनके माध्यम से लगभग 2300 प्रतिभागियों को प्रशिक्षण मिलेगा। उन्होंने कहा कि ये पहल न केवल पर्यटन क्षेत्र को नई दिशा देंगी, बल्कि स्थानीय समुदायों को रोजगार और आत्मनिर्भरता से भी जोड़ेंगी।
मेयर का उत्साहवर्धन
मुख्य अतिथि देहरादून मेयर श्री सौरभ थपलियाल ने कहा कि उत्तराखंड की प्राकृतिक धरोहर को संरक्षित करने और इसे वैश्विक पहचान दिलाने के लिए यह प्रशिक्षण अहम है। उन्होंने प्रशिक्षुओं का हौसला बढ़ाते हुए कहा कि यह कार्यक्रम गाइडिंग कौशल के साथ-साथ स्थानीय आजीविका को भी मजबूत करेगा।
विशिष्ट अतिथियों की उपस्थिति
उद्घाटन समारोह में पद्मभूषण डॉ. अनिल जोशी, सुश्री पूनम चन्द (अपर निदेशक, पर्यटन विभाग), डॉ. एम. मधु (निदेशक, ICAR), सुश्री अंजलि भरतरी (INTACH), श्री काहकशां नसीम (अपर सचिव, वन विभाग) और श्री बृजेन्द्र पाण्डेय (जिला पर्यटन विकास अधिकारी) सहित कई गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।

WWF की प्रस्तुति
डॉ. सेजल वोरा (प्रोग्राम डायरेक्टर, WWF) ने “जबरखेत कम्युनिटी मॉडल एवं नेचर रिज़र्व” पर प्रेरणादायक प्रस्तुति दी, जिसमें स्थानीय समुदायों की भागीदारी से प्रकृति संरक्षण और पर्यटन विकास के संतुलन पर जोर दिया गया।
प्रशिक्षण का उद्देश्य
सुश्री पूनम चन्द ने कहा कि यह कार्यक्रम राज्य के युवाओं को वैश्विक पर्यटन उद्योग की आवश्यकताओं के अनुरूप प्रशिक्षित करेगा। प्रशिक्षण में इको-टूरिज़्म, जैव विविधता संरक्षण, प्रकृति व्याख्या, ट्रेल गाइडिंग, सुरक्षा, आपातकालीन प्रबंधन और अतिथि प्रबंधन जैसे विषय शामिल हैं।
सतत पर्यटन की दिशा में कदम
यह नेचुरलिस्ट प्रशिक्षण उत्तराखंड में सतत पर्यटन को बढ़ावा देने और प्राकृतिक धरोहर के संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। प्रतिभागियों ने इसे ऐतिहासिक पहल बताते हुए कहा कि यह उत्तराखंड को पर्यटन के क्षेत्र में नई ऊँचाइयों तक ले जाएगा।
