RTE योजना में ढिलाई पर सख्त हुए डीएम, निजी स्कूलों को नोटिस जारी करने का निर्देश
कुशीनगर : जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में बेसिक और माध्यमिक शिक्षा के अंतर्गत संचालित योजनाओं की समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
इस दौरान जिला शिक्षा एवं अनुश्रवण समिति, जिला शिक्षा परियोजना समिति, जिला शिक्षा समिति, और जिला स्तरीय टास्क फोर्स की बैठक भी हुई।
जिलाधिकारी ने शैक्षणिक सत्र 2025 के तहत नवभारत साक्षरता मिशन और ‘स्कूल हर दिन आए’ कार्यक्रम के अंतर्गत प्राथमिक विद्यालयों में नव प्रवेशित बच्चों की संख्या की जानकारी ली।
शहरी-ग्रामीण क्षेत्रों में निर्माण कार्यों का मांगा विवरण
उन्होंने ऑपरेशन कायाकल्प के तहत दिव्यांग शौचालय, बालक-बालिका मूत्रालय, बाउंड्री वॉल, फेंसिंग, टाइल्स फ्लोरिंग जैसे कार्यों की प्रगति की समीक्षा की और शहरी-ग्रामीण क्षेत्रों में निर्माण कार्यों का विवरण मांगा।
राइट टू एजुकेशन (RTE) योजना के तहत निजी स्कूलों में नामांकन के लिए प्राप्त आवेदनों, स्वीकृत और अस्वीकृत आवेदनों की संख्या की जानकारी लेते हुए जिलाधिकारी ने बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) को सख्त निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि यदि कोई निजी स्कूल RTE के तहत नामांकन में लापरवाही बरतता है, तो उसे नोटिस जारी कर मान्यता रद्द करने की कार्रवाई की जाए।
उन्होंने RTE के तहत नामांकित छात्र-छात्राओं की सूची प्रस्तुत करने का भी निर्देश दिया।जिलाधिकारी ने कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों के संरचनात्मक विकास पर जोर देते हुए कहा कि एक समर्पित जूनियर या असिस्टेंट इंजीनियर के माध्यम से सभी विद्यालयों का सर्वे कराया जाए।
सर्वे में पाई गई कमियों को सूचीबद्ध कर विकास कार्य पूरे किए जाएं। साथ ही, कम छात्र संख्या वाले प्राथमिक विद्यालयों को निकटवर्ती स्कूलों में मर्ज करने के निर्देश दिए, लेकिन यह सुनिश्चित करने को कहा कि बच्चों और अभिभावकों की लिखित सहमति ली जाए।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी गुंजन द्विवेदी, परियोजना निदेशक, डीसी मनरेगा, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, जिला पंचायत राज अधिकारी, सभी खंड शिक्षा अधिकारी, और अन्य संबंधित अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे।
