Camp: सांस्कृतिक कार्यक्रमो के साथ किया गया रासेयो विशेष शिविर का समापन
Camp: कुशीनगर तहसील प्रभारी पडरौना किसान इंटर कॉलेज पिपरा बाजार कुशीनगर के अंतर्गत ग्राम पंचायत मिठहा माफी में विगत 6 दिनों से चल रहे राष्ट्रीय सेवा योजना विशेष शिविर कार्यक्रम का समापन निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण, निःशुल्क दवा वितरण एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमो के साथ किया गया।
पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार सर्वप्रथम मां सरस्वती के चित्र पर पुष्प अर्पित कर सरस्वती वंदना एवं स्वागत गीत के साथ शुभारंभ हुआ
तत्पश्चात रासेयो स्वयंसेवियों द्वारा विभिन्न विधाओं पर आधारित सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया गया।
मुख्य अतिथि के रूप में ग्राम प्रधान अशोक यादव,विशिष्ट अतिथि पूर्व ग्राम प्रधान रामायण कुशवाहा एवं स्वास्थ्य परीक्षण में शामिल डॉक्टर टीम के सभी लोगों को अंगवस्त्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।
स्वागत के क्रम डा विष्णु प्रताप चौबे ने बताया कि राष्ट्रीय सेवा योजना वास्तविक मानव निर्माण की कार्यशाला है।
जीव विज्ञान शिक्षक कृष्ण कुमार मिश्र ने कहा कि यह शिविर निश्चित रूप से समाज को बेहतर दिशा देने का कार्य किया जिसका परिणाम यह रहा कि सभी गांववासियों ने बढ़चकर हिस्सा लिया।
दिनप्रतिदिन लोगों को आपस में जोड़ने करे सहयोग
भूगोल शिक्षक सतीश कुशवाहा ने कहा कि यह कार्यक्रम दिनप्रतिदिन लोगों को आपस में जोड़ने और सहयोग की भावना को विकसित करता है।
कार्यक्रम अधिकारी सुनील कुमार पांडेय ने अपने गीत और कविताओं के माध्यम से अपने विचार व्यक्त किया । उक्त कार्यक्रम में लगभग 75 लोगों का निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण एवं निःशुल्क दवा वितरण का लाभ उठाए ।
मुख्य अतिथि ने बताया कि जीवन में सफल होने के लिए शिक्षा के साथ साथ सहयोग और सेवा की भावना का होना अत्यंत ही आवश्यक है।
युवाओं को नेतृत्व करने का अवसर प्रदान
कार्यक्रम को निर्बाध रूप से संचालित करते हुए सह कार्यक्रम अधिकारी धनंजय कुमार ने कहा कि रासेयो एक ऐसा मंच है जो युवाओं को नेतृत्व करने का अवसर प्रदान करता है
साथ ही साथ समुदाय के साथ मिलकर काम करने का अनुभव प्राप्त होता है।कार्यक्रम के अंत में प्रधानाचार्य अश्विनी कुमार पांडेय ने आगत सभी अतिथियों,स्वास्थ्य परीक्षण टीम एवं सभी स्वयंसेवियों को आभार व्यक्त करते हुए
उज्ज्वल भविष्य की कामना
सभी के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि राष्ट्रीय युवा के प्रतीक स्वामी विवेकानंद जिन्होंने पूरे दुनिया को अपना परिवार बताया और सभी को भाइयों और बहनों के संबोधन से शिकागो के विश्व धर्म संसद में यह बताने का कार्य किया कि भारत दुनिया में सबसे बड़ा ज्ञान और संस्कृति का द्योतक है।तथा शिविर के समापन की घोषणा किया।
