Valmiki Gandak Barrage: 10 बजे सुबह गण्डक नदी में बाल्मीकि गण्डक वैराज से 3 लाख 84 हजार 200 क्यूसेक पानी छोड़ा गया
दियारा (रेता) क्षेत्रों में बाढ़ की आशंकाएं बढ़ी
शासन-प्रशासन लोगों से सुरक्षित स्थानों पर जाने का कर रहा है अपील
दियारा क्षेत्र के गांवों में लगवाई जा रही है मुनादी
रिपोर्ट : अनिल कुमार सिंह
Valmiki Gandak Barrage: जनपद में पिछले दो दिनों से भारी बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है और तेज हवाओं के साथ दिन रात हो रही बारिश ने गन्ना के फसलों को जमींदोज कर दिया है।
इधर गण्डक नदी एक बार फिर उफनाने से दियारा क्षेत्र (नदी पार रेता) के गांवों में एक बार फिर बाढ़ आने की आशंकाएं बढ़ गई है।
क्योंकि पहाड़ों पर अधिक बारिश होने के कारण बाल्मीकि गण्डक वैराज से गण्डक नदी में डिस्चार्ज पौने चार लाख क्यूसेक पानी को छोड़ा गया है।
रेता क्षेत्र के आधा दर्जन गांवों के लोगों को एक बार फिर बाढ़ की दुश्वारियों को झेलना पड़ सकता है।
बारिश से गन्ना व धान के फसलों का ज्यादा नुकसान
जिसकी चिन्ता अब ग्रामीणों को सताने लगा है। बता दें कि खड्डा इलाके में पिछले दो दिनों से तेज हवाओं के साथ हो रही बारिश से गन्ना व धान के फसलों का ज्यादा नुकसान पहुंचा है।
गन्ना की खड़ी फसल अब खेतों में जमींदोज हो गया है। वहीं इस मूसलाधार बारिश की मार से दियारा (रेता क्षेत्र) के लोगों को एक बार फिर गण्डक नदी सुख,चैन छीन लेने को आतुर हो रही है।
इधर पनियहवा पुल के पास गण्डक की धारा खतरे के निशान को अब खतरे के निशान को छूने के लिए आतुर हो चली है।
शनिवार की सुबह में बाल्मीकि गण्डक वैराज का नदी में छोड़ा गया डिस्चार्ज पानी का लेखा जोखा यह दर्शाता है-
- -सुबह 4:00 बजे – 3 लाख 400 क्यूसेक-
- सुबह 5:00 बजे-3लाख 7 हजार 200 क्यूसेक-
- सुबह 6:00 बजे- 3 लाख 21 हजार 200 क्यूसेक
- सुबह 7:00 बजे – 3 लाख 39 हजार 200 क्यूसेक
- सुबह 8:00 बजे – 3 लाख 65 हजार 200 क्यूसेक
- अभी 10:00 बजे – 3 लाख 84 हजार 200 क्यूसेक
खबर लिखे जाने तक रेता क्षेत्र में लगभग 4 लाख क्यूसेक पानी होने पर शाम तक रेता क्षेत्र(नदी पार दियारा) के ग्राम सभा शिवपुर, बसंतपुर, हरिहरपुर, नरायनपुर, मरचहवां, बकुलादह, बालगोविंद छपरा आदि में बाढ़ की पानी लगभग घुसना शुरू हो सकता है।
जिस पर प्रशासन ने लोगों से अपील करते हुए सावधान (अलर्ट) रहने को कह रहा है और ग्राम सभा लक्ष्मीपुर पडरहवा के खलवा टोला में रेनकट हों गया है
यहां पर लगभग 80 घर मौजूद हैं जो संकट में घिरने के करीब है ग्रामीणों ने सिंचाई विभाग से मरम्मत कराने का गुहार लगा रहे हैं।
