Mobile phone : युवाओं को इस बीमारी का शिकार बना रहा मोबाइल फोन, बचाव के लिए इन 4 बातों का रखे ध्यान
Mobile phone :बुजुर्गों की बीमारी युवाओं पर भारी पड़ रही है।
झुक कर बैठना, लंबे समय तक मोबाइल फोन देखना और व्यायाम न करना
युवाओं को स्पांडिलाइटिस का शिकार बना रहा है। पहले 50 वर्ष से अधिक
उम्र के लोगों में यह बीमारी होती थी, अब 25 से 35 वर्ष के युवा भी
इसकी चपेट में आने लगे हैं और धीरे-धीरे इनकी संख्या बढ़ रही है।
बीआरडी मेडिकल कालेज व निजी अस्पतालों के मेडिसिन व न्यूरोलाजी के ओपीडी में आने वाले गर्दन दर्द,
कमर दर्द, पीठ दर्द के रोगियों की संख्या प्रतिदिन लगभग दो सौ है।
इनमें से 30 रोगियों की उम्र 25 से 35 वर्ष के बीच है। 10-12 रोगी स्पांडिलाइटिस,
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दो से तीन पैरों में झुनझुनी व शेष सर्वाइकल से पीड़ित होते हैं।
ये है बीमारी का कारण
विशेषज्ञों ने इसका कारण गलत ढंग से बैठना, देर तक मोबाइल देखना,
गर्दन को झुकाकर काम करना या पढ़ना, ज्यादा देर तक झुककर काम करना और
व्यायाम न करना बताया है। लोगों को इसके बारे में जागरूक करने के
लिए प्रतिवर्ष 16 अक्टूबर को विश्व स्पाइन दिवस बनाया जाता है।
बचाव के लिए यह करें
सही मुद्रा में बैठें।
सक्रिय रहें और व्यायाम करें।
काम करते समय रीढ़ की हड्डी को सीधा रखें।
संतुलित आहार लें।
यह न करें
झुककर बैठने से बचें।
अत्यधिक परिश्रम न करें।
लंबे समय तक एक ही अवस्था में न बैठें।
अत्यधिक स्क्रीन टाइम से बचें।
क्या कहते हैं विशेषज्ञ
पीठ व रीढ़ की हड्डी को मजबूत करने के लिए घुटने से छाती तक, ठोड़ी से छाती तक व कान से कंधे तक
खिंचाव पैदा करने वाले व्यायामों का अभ्यास करें। –डा. सौरभ श्रीवास्तव, न्यूरो सर्जन
वजन नियंत्रित रखें। धूमपान से बचें, क्योंकि उसका निकोटिन रक्त वाहिकाओं की कार्यक्षमता को कम करता है।
मांसपेशियों को मजबूत करने व खिंचाव के लिए योगाभ्यास करें।
जिससे समस्या नहीं आएगी। –डा. अनिंद्य गुप्ता, न्यूरो सर्जन, बीआरडी मेडिकल कालेज
