Lok Sabha चुनाव की तैयारी तेज, यूपी में आयोग की ताबड़तोड़ बैठक,ये हैं तारीख
Lok Sabha: अगले साल की शुरुआत में होने वाले लोकसभा चुनाव के लिए
केन्द्रीय चुनाव आयोग सक्रिय हो गया है। देश में सबसे ज्यादा लोकसभा सीटों वाले
राज्य उत्तर प्रदेश में आयोग की टीम ने ताबड़तोड़ बैठकों का सिलसिला शुरु कर दिया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार शुक्रवार 15 सितम्बर को कानपुर नगर में 17 जिलों के
डीएम के साथ लोकसभा चुनाव की अब तक की तैयारियों का आंकलन करने के बाद
अब आगामी 18 सितम्बर को वाराणसी, 20 सितम्बर को गोरखपुर
और 25 सितम्बर को आगरा में ऐसी ही बैठकें होने जा रही हैं।
वाराणसी में 18 सितम्बर को होने वाली बैठक में वाराणसी, सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली, गाजीपुर,
जौनपुर, आजमगढ़, मऊ, बलिया, प्रयागराज, प्रतापगढ़, अमेठी और भदोही जिलों में अब तक हुई
चुनाव तैयारियों का आयोग की टीम आंकलन करेगी और आवश्यक
निर्देश देगी। इस बैठक में सभी सम्बंधित जिलों के डीएम शामिल होंगे।
20 सितम्बर को गोरखपुर मुख्यालय पर होने वाली बैठक में गोरखपुर, देवरिया, कुशीनगर,
महाराजगंज, सिद्धार्थनगर, संत कबीरनगर, अम्बेडकरनगर, गोण्डा, बलरामपुर, सुल्तानपुर, अयोध्या,
बाराबंकी, बहराइच और श्रावस्ती जिलों की चुनाव तैयारियों की समीक्षा होगी।
फिर 25 सितम्बर को आगरा में आगरा, मथुरा, हाथरस, फिरोजाबाद, अलीगढ़, मैनपुरी, इटावा,
औरय्या, कन्नौज, बदायूं आदि जिलों के डीएम के साथ चुनाव आयोग की टीम बैठक करेगी।
चुनाव आयोग की इस टीम में वरिष्ठ उप चुनाव आयुक्त धर्मेन्द्र शर्मा, नितेश व्यास,
अशोक कुमार, निदेशक दीपाली मासिरकर, सचिव पवन दीवान और अवर सचिव पवन दीवान शामिल हैं।
मतदान केन्द्रों का ब्यौरा भेजा गया, वोटर लिस्ट पुनरीक्षण 17 अक्तूबर से
लोकसभा चुनाव के लिए प्रदेश में मतदान केन्द्रों और पालिंग बूथों की स्थिति का
सारा ब्यौरा मुख्य चुनाव अधिकारी कार्यालय ने केन्द्रीय चुनाव आयोग को भेज दिया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार बीती 28, 29 व 30 अगस्त को सभी जिलों से यह ब्यौरा मंगवा गया
और फिर लखनऊ स्थित मुख्य चुनाव अधिकारी कार्यालय में इसे संकलित करके
एक रिपोर्ट के साथ सितम्बर के पहले सप्ताह में इसे आयोग को भेज दिया गया।
इस बार भी लोकसभा चुनाव में हर पोलिंग बूथ पर 1500 वोटर ही रहेंगे।
इसके अलावा मुख्य चुनाव अधिकारी कार्यालय ने वोटर लिस्ट के
विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण के लिए कार्यक्रम तैयार कर लिया है।
आगामी 17 अक्तूबर से यह पुनरीक्षण शुरू होगा। अगले साल पांच जनवरी को वोटर लिस्ट का
फाइनल ड्राफ्ट प्रकाशित होगा। इस दरम्यान बूथ लेबल आफिसर घर-घर जाकर
18 साल की उम्र पूरी करने वाले या अब तक वोटर लिस्ट से छूटे लोगों के नाम जोड़ने,
मृत-स्थानांतरित वोटरों के नाम काटने का काम करेंगे। इसी अवधि में चार विशेष दिवस भी आयोजित होंगे।
इन विशेष दिवसों में अपने मतदान केन्द्र पर जाकर लोग वोटर लिस्ट में
दर्ज अपने ब्यौरे की खामियां दूर करवा सकेंगे। वहां बीएलओ मौजूद रहेंगे।
इस बार के लोकसभा चुनाव आयोग के लिए केन्द्रीय चुनाव आयोग का फोकस
-18-19 साल के आयुवर्ग के युवा वोटरों के नाम वोटर लिस्ट में दर्ज करवाने पर प्राथमिकता।
-विश्वविद्यालयों, तकनीकी व मेडिकल कालेजों, आईटीआई, पालिटेक्निक
आदि शिक्षण संस्थानों में विशेष कैम्प आयोजित होंगे।
-राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ लगातार बैठकें हों। वोटर
लिस्ट को साफ सुथरा बनाने में उनका भी सहयोग लिया जाए।
-राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के सुझावों का गुणदोष के आधार पर
परीक्षण करवाकर उन्हें क्रियान्वित करने को कदम उठाए जाएं।
