Income Tax: समझ लो टैक्स का ये गणित, 7 लाख रुपये से ज्यादा है इनकम तो इन लोगों को नहीं देना होगा टैक्स!
Income Tax: केंद्रीय बजट 2023 में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने वित्तीय वर्ष 2023-24 में
आयकर रिटर्न (ITR) दाखिल करने जा रहे करदाताओं के लिए इसे और अधिक आकर्षक बनाने के लिए नई
आयकर व्यवस्था में कुछ बदलाव किए हैं. 1 अप्रैल 2023 से सेक्शन 87A का लाभ नई कर व्यवस्था तक बढ़ा दिया
गया है और वित्त वर्ष 2023-24 में नई कर व्यवस्था का विकल्प चुनने वाले करदाता
एक वित्तीय वर्ष या Assessment Year में ₹12,500 तक की टैक्स छूट का दावा कर सकेंगे.
टैक्स लाभ
हालांकि जो लोग नई कर व्यवस्था चुनते हैं उन्हें एचआरए, एलटीए, सेक्शन 80सी, सेक्शन 80सीसीडी आदि
जैसी विभिन्न छूटों को छोड़ना होगा. लेकिन अगर टैक्सपेयर एक सैलरी वाला व्यक्ति है
तो उस स्थिति में टैक्सपेयर्स 50000 रुपये तक स्टैंडर्ड डिडक्शन का दावा कर सकता है.
इस स्थिति में एक वेतनभोगी कमाने वाले व्यक्ति के लिए 7.50 लाख रुपये तक की वार्षिक आय पर कोई
टैक्स (Income Tax) नहीं लगता है और जो भी आईटीआर फाइलिंग करता है उसे तब इसे बनाए रखने की आवश्यकता होती है.
Old Tax Regime
वहीं सेक्शन 87ए का लाभ पहले केवल Old Tax Regime तक ही सीमित था,
लेकिन अब अगले वित्तीय वर्ष से यह लाभ New Tax Regime के लिए भी उपलब्ध होगा.
इसलिए एक वित्तीय वर्ष में 7 लाख रुपये वार्षिक आय तक नई कर व्यवस्था भी गैर-कर योग्य होगी.
New Tax Regime
हालांकि, सैलरी वाले टैक्सपेयर्स के मामले में प्रति वर्ष 50,000 रुपये तक की अतिरिक्त स्टैंडर्ड डिडक्शन
उपलब्ध है. इसलिए, यदि टैक्सपेयर्स वेतनभोगी है और उसकी वार्षिक आय 7.5 लाख रुपये या उससे कम है,
तो वह 50000 रुपये तक के स्टैंडर्ड डिडक्शन का दावा कर सकता है और टैक्स (Income Tax) देने से बच सकता है.
