leopard: किशोर पर हमलाकर घर में घुसा तेंदुआ, पति-पत्नी ने खुद को किचन में किया कैद, बच्ची छत पर फंसी
leopard:अलीगढ़ में कोल तहसील के जवां कस्बे में शनिवार सुबह कोहरे के बीच एक तेंदुआ आ पहुंचा।
एक किशोर खेत के पास गया तो तेंदुए ने झपट्टा मारते हुए हमला कर दिया।
इसके बाद तेंदुआ कस्बे की ओर भागा और एक मकान में घुस गया।
10 घंटे से तेंदुए (leopard) को निकालने का ऑपरेशन चल रहा, लेकिन देर रात तक सफलता नहीं मिली है।
सुबह साढ़े नौ बजे भीषण ठंड व कोहरे के बीच ग्रामीण कस्बे के आउटर पर अलाव ताप रहे थे।
गेंहू के एक खेत में हलचल देखकर 15 वर्षीय विशाल को पशु भगाने के लिए भेजा।
किशोर जैसे ही खेत पर पहुंचा तो वहां पर तेंदुआ लेटा हुआ था।
तेंदुए (leopard) ने उस पर हमला बोलकर घायल कर दिया। शोर की आवाज लोग वहां पहुंच गए।
इस पर तेंदुआ कसबे कीओर भाग निकला और प्रेम मुरारी के घर में घुस गया।
तेंदुए को अचानक घर पर देख प्रेम मुरारी के हाथ-पैर फूल गए। होश संभालकर वह पत्नी के साथ रसोई में भागकर
दरवाज बंद कर दिया। पीछे से आ रहे ग्रामीणों ने प्रेम मुरारी के घर का दरवाजा बाहर से बंद कर दिया,
जिससे तेंदुआ कमरे में कैद हो गया। पति पत्नी पांच घंटे तक रसोई में कैद रहे।
वन विभाग की टीम ने रसोई की दीवार तोड़कर दोनों को बाहर निकाला।
प्रेम किशोर की बेटी छत पर थी जो शोर शराबा सुनकर छत से पड़ोस के मकान में पहुंची।
ग्रामीणों ने इसकी सूचना पुलिस प्रशासन को दी। वन विभाग की टीम पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची।
तेंदुए को बाहर निकालने आगरा, एटा, हाथरस की टीमों को बुलाया गया,
लेकिन शाम सात बजे तक तेंदुए को कमरे से नहीं निकाला जा सका था।
इटावा लायन सफारी से तेंदुए को रेस्क्यू करने के लिए टीम बुलाई गई।
10 घंटे ग्रामीणों के दहशत में बीते
तेंदुए के गांव में आने से ग्रामीण 10 घंटे तक दहशत में रहे। कस्बे के बाजार से लेकर गांव के घरों के दरवाजे बंद रहे।
लोगों ने स्वयं को भय के कारण घर में कैद कर लिया था। वन विभाग की तीन टीम व पुलिस फोर्स को देखने के बाद
ग्रामीणों की जान में जान आई। कमरे में बंद तेंदुए को निकालने का
प्रयास शाम सात बजे तक जारी रहा था, लेकिन सफलता नहीं मिल पाई थी।
इटावा लायन सफारी की टीम बुलाई
डीएफओ दिवाकर वशिष्ठ ने बताया की तेंदुए को पकड़ने के लिए इटावा लायन सफारी की टीम को भी बुला लिया गया
है। तेंदुए छह से सात साल के बीच का है। नर या मादा का पता नहीं चल पाया है।
इंजेक्शन देने की कोशिश की जा रही है, लेकिन सफलता नहीं मिल पाई है। कस्बे व गांव के लोग सुरक्षित हैं।
