कुशीनगर : धार्मिक मान्यताओं के अनुसार पनियहवा घाट पर कार्तिक पूर्णिमा के स्नान मे उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़

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कुशीनगर : धार्मिक मान्यताओं के अनुसार पनियहवा घाट पर कार्तिक पूर्णिमा के स्नान मे उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़

खड्डा/कुशीनगर : नारायणी नदी में की दर्जनों स्थानों पर कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर श्रद्धालुओं ने नदी में स्नान कर

पुण्य लाभ लिया खड्डा तहसील क्षेत्र के भैसहां व पनियहवा घाट पर हजारों की

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संख्या में श्रद्धालुओं ने नारायणी नदी में स्नान कर गउ दान किया।

कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि के दिन कार्तिक पूर्णिमा मनाई जाती है। मान्यता है

कि कार्तिक पूर्णिमा के दिन पवित्र नदी में स्नान व दान करने से सुख सौभाग्य की प्राप्ति होती है।

कार्तिक के महीने की पूर्णिमा को साल की सभी पूर्णिमाओं में सबसे पवित्र और श्रेष्ठ माना जाता है।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन भगवान शिव ने त्रिपुरासुर राक्षस का वध किया था।

इसलिए इसे त्रिपुरी या त्रिपुरारी पूर्णिमा के नाम से भी जाना जाता है।

ये दिन मां लक्ष्मी और भगवान विष्णु को भी समर्पित है। इस दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की विधि-विधान से

पूजा करने पर इनका आशीर्वाद प्राप्त होता है और व्यक्ति को कभी भी आर्थिक तंगी नहीं झेलनी पड़ती है।

नारायणी नदी में शालिग्राम ठाकुर जी मिलने से नारायणी नदी को शालिग्राम नदी भी के नाम से भी जाना जाता है

इस नदी में भगवान विष्णु अपने सुदर्शन चक्र से मगरमच्छ का वध कर गजराज की जान बचाई थी।

मान्यता है कि नारायण का पद स्पर्स इस नदी में होने से इसे नारायणी नदी की संज्ञा दी गई

इस नदी में स्नान कर दान करने से जीवन के सभी पाप धुल जाते हैं।

इसी कड़ी मैं पनियहवा घाट पर महंत त्यागी जी महाराज ने बताया कि

इस नदी में भगवान विष्णु के रूप में ठाकुर जी शालिग्राम मिलते हैं जो अन्य किसी नदियों में नहीं है

इसलिए इस नदी में स्नान करने और दान पुण्य करने से सभी पाट धुल जाते हैं।

सुबह से ही भक्त गणो की काफी भीड़ रही। सभी ने नदी में स्नान कर दान पुण्य किया।

इसी क्रम में श्रद्धालु पांडे जी ने बताया कि कार्तिक पूर्णिमा में नारायणी नदी में स्नान करने का

और दान पुण्य करने का अपना विशेष महत्व है पूर्व में किए गए पापों के

निवारण के लिए सनातन धर्म की मान्यता के अनुसार मैंने गऊ दान भी किया

कार्तिक पूर्णिमा के दिन कुशा स्नान व दान करने का विशेष महत्व माना जाता है।

इस दिन गरीब व जरुरतमंद लोगों की मदद करें, दान करें, मौसमी फल, उड़द की काली दाल, चावल आदि

भी दान किए जा सकते हैं। किसी भूखे को भोजन करवाना भी इस दिन श्रेष्ठ रहता है

रिपोर्ट : मो. आसिफ

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Ajay Sharmahttps://computersjagat.com
Indian Journalist. Resident of Kushinagar district (UP). Editor in Chief of Computer Jagat daily and fortnightly newspaper. Contact via mail computerjagat.news@gmail.com

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